वाराणसीः उत्तर प्रदेश के सीएम Yogi Adityanath ने रविवार को वाराणसी के सर्किट हाउस सभागार में अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए और साफ कहा कि प्रदेश में अवैध गतिविधियों को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदेश के सभी जिम की जांच की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि जहां महिलाएं वर्कआउट करने आती हैं, वहां महिला ट्रेनर की व्यवस्था जरूर हो।
हाल ही में वाराणसी के पड़ोसी जिले में जिम की आड़ में लड़कियों के धर्मांतरण का मामला सामने आया था। इस मामले में एक सिपाही समेत कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। जांच के दौरान कई जिमों में गलत गतिविधियों का खुलासा हुआ था। इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सख्त निगरानी के आदेश दिए हैं।
धार्मिक कार्यक्रम सिर्फ धार्मिक स्थलों पर ही हों
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी तरह के धार्मिक कार्यक्रम केवल संबंधित धार्मिक स्थल परिसर में ही आयोजित किए जाएं। सार्वजनिक स्थानों पर नई परंपरा शुरू करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस बात का सख्ती से पालन कराया जाए।
होली को लेकर विशेष सतर्कता के निर्देश
होली के त्योहार को देखते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कहीं भी अवैध या जहरीली शराब की बिक्री नहीं होनी चाहिए। त्योहार के दौरान शांति और सुरक्षा बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
क्षेत्रीय समन्वय समिति की बैठक
सर्किट हाउस में सुबह मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय समन्वय समिति की बैठक भी की। इस बैठक में Rashtriya Swayamsevak Sangh के पदाधिकारी शामिल हुए। साथ ही Bharatiya Janata Party के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह भी मौजूद रहे।
अवैध गतिविधियों में शामिल पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि यदि कोई पुलिसकर्मी अवैध गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। कानून सबके लिए समान है और इसमें किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।
सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर जोर
बैठक में मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि सड़कों पर अतिक्रमण कर वाहन पार्क न किए जाएं। सड़क सुरक्षा को लेकर नियमित बैठकें आयोजित की जाएं। लोगों को जागरूक करने के लिए अधिक से अधिक अभियान चलाए जाएं। लंबित राजस्व मामलों का निस्तारण तय समय सीमा में और गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाए। वाहनों में तेज आवाज वाले साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न का उपयोग न होने दिया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इन सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बेहतर बनी रहे और आम जनता को सुरक्षित वातावरण मिल सके।

