गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इतिहास में वही जाति और समाज टिकता है, जो अपने पूर्वजों के शौर्य, पराक्रम और बलिदान को जीवन का हिस्सा बनाती है। उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं ने हमेशा भारतीय संस्कृति और धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उनकी वीरता और त्याग आज भी देश की आत्मा में जीवित है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को गोरखपुर के पैडलेगंज स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने गुरुवाणी सुनी, संगत के बीच बैठकर भाग लिया। गुरुद्वारा भवन के नए स्वरूप और बुनियादी सुविधाओं का लोकार्पण किया। गुरुद्वारा समिति ने उन्हें प्रतीक चिन्ह और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया।
सिख गुरुओं की परंपरा अद्भुत और अटूट रही है
सीएम योगी ने कहा कि सिख गुरुओं की परंपरा अद्भुत और अटूट रही है। उन्होंने कहा गुरु नानक देव जी से लेकर गुरु गोविंद सिंह जी तक हर गुरु ने धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। जब भी भारतीय संस्कृति पर खतरा आया, सिख गुरुओं ने अपने बलिदान से उसे बचाया। विशेष रूप से गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को याद किया गया।
#WATCH | गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “…यह गौरवशाली इतिहास सिख धर्म का है। हमारा कर्तव्य है कि हम उन लोगों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करें जिन्होंने अपने लिए नहीं, बल्कि देश के लिए, सनातन धर्म के लिए, कश्मीर के लिए, देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान… https://t.co/c6QEntOqbf pic.twitter.com/bAunVjskGJ
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 24, 2025
साहिबजादों का बलिदान आज भी हम सभी के लिए प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने गुरु गोविंद सिंह जी के चार साहिबजादों – बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह के बलिदान को याद किया। उन्हें लालच दिया गया कि अगर आप इस्लाम स्वीकार कर लें तो जीवन और रियासत सुरक्षित रहेगी। लेकिन उन्होंने झुकने के बजाय बलिदान का मार्ग चुना। छोटे साहिबजादों को दीवार में चुनवाकर शहीद कर दिया गया, लेकिन उन्होंने अपने धर्म और देश की रक्षा के लिए दृढ़ निष्ठा दिखाई। सीएम योगी ने कहा कि यह बलिदान आज भी हम सभी के लिए प्रेरणा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 26 दिसंबर को पूरे देश में ‘वीर बाल दिवस’ मनाया जाता है। यह सिख गुरुओं और साहिबजादों के बलिदान को श्रद्धांजलि देने का ऐतिहासिक निर्णय है।
पैडलेगंज गुरुद्वारा का आधुनिक स्वरूप
सीएम योगी ने कहा कि पैडलेगंज का गुरुद्वारा वर्षों से सिख संगत का आस्था केंद्र रहा है। पहले यहां सुविधाओं की कमी थी अब पर्यटन विभाग और सरकार की मदद से इसे आधुनिक रूप दिया गया श्रद्धालु अब गुरुवाणी पाठ, लंगर और अन्य धार्मिक कार्यक्रम बेहतर सुविधाओं के साथ कर सकेंगे
सिख परंपरा का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुद्वारा किसी जाति या समुदाय तक सीमित नहीं होता। यहां आने वाले हर व्यक्ति का स्वागत है। यही सिख परंपरा और गुरुवाणी का वास्तविक संदेश है। गोरखपुर के तीन प्रमुख गुरुद्वारे – जटा शंकर, मोहद्दीपुर और पैडलेगंज को भी बेहतर स्वरूप दिया गया है।
गुरु ग्रंथ साहिब की स्थापना
आज का दिन इसलिए भी पवित्र है क्योंकि 421 वर्ष पहले इसी दिन गुरु ग्रंथ साहिब जी को हरमंदिर साहिब में स्थापित कर उन्हें गुरु के रूप में स्वीकार किया गया। यह परंपरा आज भी पूरे विश्व में आस्था और श्रद्धा का केंद्र बनी हुई है।

