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उप्र में गठबंधन के सहयोगियों को निराश नहीं करेंगे : अखिलेश यादव

सहारनपुरः वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की 80 में से 65 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने के संकेत देने वाले समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को कहा कि उन्होंने अपने गठबंधन के सहयोगियों को पहले कभी निराश नहीं किया है और आगे भी नहीं करेंगे। यादव ने सपा की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में 65 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने के संकेत देने और बाकी 15 सीटों पर गठबंधन के साथियों के संतुष्ट होने की सम्भावना से जुड़े सवाल पर संवाददाताओं से कहा, सपा ने अभी तक जितने भी गठबंधन किये हैं, उनमें हमारी कोशिश रही है कि गठबंधन के सहयोगी दलों का पूरा सम्मान किया जाए। मैं आज आपके सामने कह रहा हूं, जो भी हमारे गठबंधन के साथी हैं वे कभी पहले निराश नहीं हुए, वे आगे भी निराश नहीं होंगे। सपा अध्यक्ष देवबंद सीट से पूर्व विधायक माविया अली के बेटे के वलीमे (शादी के बाद की दावत) में शामिल होने आये थे।

इस सवाल पर कि क्या सपा उत्तर प्रदेश की 80 में से 65 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी, यादव ने कहा, यह गिनती (संख्या), इसलिये भी थी क्योंकि वहां पर आए (बैठक में आए) प्रदेश कार्यकारिणी के लोगों ने कई तरह के सुझाव दिये थे कि सपा को इतनी सीटें लड़नी चाहिये, लेकिन मैं आपसे कह रहा हूं कि अभी तक हमने जितने भी गठबंधन किये हैं उनके साथियों को निराश नहीं किया है। सपा अध्यक्ष यादव ने बुधवार को लखनऊ में हुई पार्टी की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में कार्यकर्ताओं से उत्तर प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटों पर मजबूत तैयारी करने के निर्देश देते हुए 65 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने के संकेत दिये थे। उन्होंने कहा था कि प्रदेश में कोई भी गठबंधन सपा की मदद के बिना चुनाव नहीं जीत सकता इसलिये सपा सभी 80 सीटों पर बूथ स्तर तक पुख्ता तैयारी करें।

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) गठबंधन के तहत टिकट बंटवारे को लेकर कांग्रेस के साथ हाल में हुई तल्खी के बारे में पूछे गये एक सवाल पर सपा प्रमुख ने कहा, मध्य प्रदेश में जो बात खत्म हो गयी है, उस बात को हम लोग न उठायें। ये शायद हमारी समझ के बाहर था या फिर हमने ज्यादा समझ लिया था। न्होंने कहा, मुझे लगा कि मध्य प्रदेश में अगर उनके (कांग्रेस) लोग बातचीत कर रहे हैं तो हमें साथ लेकर चलेंगे। अब साफ हो गया है कि राज्य स्तर पर कोई गठबंधन नहीं है तो कोई बात नहीं है लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर जो गठबंधन है उसको पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) एक रणनीति के तहत मदद करेगा।

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