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फसल अवशेष को न जलायें वरना हो सकती है कड़ी कार्रवाई

October 7, 2024

फसल अवशेष को न जलायें वरना हो सकती है कड़ी कार्रवाई

कुशीनगर। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिला प्रशासन ने फसल अवशेष के प्रबंधन की सलाह देते हुये किसानो को चेताया है कि वायु प्रदूषण में इजाफा करने में सहायक पराली को जलाने पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है। उप कृषि निदेशक आशीष कुमार ने सोमवार को सभी किसानों एवं कम्बाइन मालिकों को अवगत कराया कि शासन के आदेश है कि कम्बाईन हार्वेस्टर के साथ यथा सम्भव सुपर एसएमएस का प्रयोग किया जाये। जब तक कम्बाईन में सुपर एसएमएस न लग जाये। तब तक विकल्प के रुप में अन्य फसल अवशेष प्रबन्धन के कृषि यंत्रों जैसे स्ट्रारीपर, स्ट्रारेक व बेलर, मल्चर, पैडी स्ट्रा चापर, श्रब मास्टर, रोटरी श्लेसर, रिवर्सिबुल एमबी प्लाउ का भी प्रयोग कम्बाईन हार्वेस्टर के साथ किया जा सकता है।

उन्होने कहा कि कम्बाईन हार्वेस्टर के संचालक की जिम्मेदारी है कि वह कम्बाईन के साथ उपरोक्त यंत्रों का प्रयोग खरीफ में धान की फसल की कटाई करते समय अनिवार्य रुप से करें तथा उपरोक्त यंत्रों के बिना कटाई करते हुए पकड़े जायेंगे तो उनकी कम्बाईन मशीन उनके क्षेत्र के फसल अवशेष जलाने से रोकने के लिए गठित टीम द्वारा जब्त कर ली जायेगी।

अधिकारी ने किसानों को अवगत कराया है कि वह खरीफ में धान फसल की कटाई करते समय धान फसल के अवशेष को न जलायें। यदि किसी गांव में फसल अवशेष जलाने की घटनायें घटित होती हैं तो संबंधित किसान को दण्डित किया जायेगा, साथ ही उस ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान एवं उस ग्राम के लेखपाल तथा अन्य ग्राम पंचायत स्तरीय कर्मचारी भी उत्तरदायी होंगे।

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