गोंडा/जींदः गोंड़ा के नंदिनी नगर में आयोजित नेशनल ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट के दौरान बड़ा विवाद सामने आया है। महिला पहलवान और जुलाना से विधायक Vinesh Phogat ने भारतीय कुश्ती संघ (WFI) पर उन्हें जानबूझकर प्रतियोगिता में खेलने से रोकने का आरोप लगाया है। वहीं भारतीय कुश्ती संघ ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि नियमों के तहत कार्रवाई की गई है।
पूरी तैयारी के साथ टूर्नामेंट में पहुंचीं विनेश
विनेश फोगाट ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह पूरी तैयारी और सभी जरूरी नियमों को पूरा करके प्रतियोगिता में हिस्सा लेने पहुंची थीं। उन्होंने बताया कि WFI की ओर से उन्हें ‘कारण बताओ नोटिस’ भेजा गया था, जिसका जवाब उन्होंने समय पर दे दिया है। विनेश का कहना है कि उन्होंने दिसंबर 2024 में ही दोबारा कुश्ती खेलने की इच्छा जाहिर कर दी थी। इसके बावजूद भारतीय कुश्ती संघ ने छह महीने तक कोई कार्रवाई नहीं की और अचानक प्रतियोगिता शुरू होने से ठीक पहले नोटिस जारी कर दिया।
“सिर्फ दो दिन पहले नोटिस भेजा गया”
विनेश ने कहा कि उन्हें शुक्रवार को नोटिस मिला, जबकि टूर्नामेंट शुरू होने में केवल दो दिन बाकी थे। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि संघ को आपत्ति थी तो पहले नोटिस क्यों नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि शनिवार और रविवार को अदालतें बंद रहती हैं, ऐसे में उन्हें कानूनी मदद लेने का भी समय नहीं मिला। उनके मुताबिक यह पूरी प्रक्रिया उन्हें परेशान करने के लिए की गई।
UWW को पहले ही दे चुकी थीं वापसी की जानकारी
विनेश फोगाट ने बताया कि उन्होंने जून 2024 में यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) को अपने संन्यास के बाद वापसी की जानकारी दे दी थी। उन्होंने दावा किया कि वापसी से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी थीं। उनका कहना है कि उन्हें 26 जून 2026 तक अयोग्य घोषित करना पूरी तरह गलत फैसला है।
“मैंने डोप टेस्ट भी दिया, फिर भी रोका गया”
विनेश ने कहा कि वह पूरी तरह साफ तरीके से प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आई थीं। उन्होंने डोप टेस्ट भी कराया और खुद को नियमों के अनुसार योग्य बताया। इसके बावजूद उन्हें प्रतियोगिता से दूर रखने की कोशिश की जा रही है। विनेश ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ पहले से साजिश रची जा रही थी।
बृजभूषण शरण सिंह पर लगाए आरोप
विनेश फोगाट ने भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष Brij Bhushan Sharan Singh का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि उनके इशारे पर उन्हें खेलने से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें निष्पक्ष मौका नहीं दिया जा रहा और जानबूझकर विवाद खड़ा किया जा रहा है।
WFI अध्यक्ष संजय सिंह ने आरोपों को किया खारिज
भारतीय कुश्ती संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष Sanjay Singh ने विनेश के सभी आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रेशन के बाद जांच प्रक्रिया के दौरान विनेश को नोटिस जारी किया गया था। नियमों के मुताबिक जब तक पूरी जांच और प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक उन्हें प्रतियोगिता में खेलने की अनुमति नहीं दी जा सकती। संजय सिंह ने साफ कहा कि WFI किसी भी खिलाड़ी को नियमों के खिलाफ जाकर अनुमति नहीं दे सकता।
“विनेश का स्वागत है, लेकिन नियम सबसे ऊपर”
संजय सिंह ने कहा कि विनेश फोगाट का हमेशा स्वागत है, लेकिन मौजूदा टूर्नामेंट में उन्हें खेलने की अनुमति नहीं दी जाएगी क्योंकि मामला अभी प्रक्रिया में है। उनके मुताबिक संघ सभी खिलाड़ियों के लिए एक समान नियम लागू करता है और किसी को विशेष छूट नहीं दी जा सकती।
सोशल मीडिया पर भी रखी अपनी बात
विनेश फोगाट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी एक पोस्ट साझा कर अपनी स्थिति साफ की। उन्होंने कहा कि उन्हें 1 जनवरी 2026 से आधिकारिक ट्रेनिंग और प्रतियोगिताओं में वापसी की अनुमति मिल चुकी थी। उन्होंने दावा किया कि इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (ITA) ने लिखित रूप से उन्हें प्रतियोगिताओं के लिए पात्र घोषित किया था। इसी आधार पर उन्होंने गोंडा में आयोजित 2026 सीनियर ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में पंजीकरण कराया।
“वेरिफिकेशन प्रक्रिया भी पूरी नहीं करने दी गई”
विनेश ने आरोप लगाया कि प्रतियोगिता स्थल पर पहुंचने के बावजूद उन्हें वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी नहीं करने दी गई। इतना ही नहीं, उन्हें ट्रेनिंग हॉल का इस्तेमाल करने से भी रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि वह किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं कर रहीं, बल्कि केवल अपनी योग्यता के आधार पर खेलने का निष्पक्ष मौका चाहती हैं।
डोपिंग नियम उल्लंघन के आरोपों को बताया गलत
विनेश ने WFI के नोटिस में लगाए गए आरोपों को भी गलत बताया। उन्होंने कहा कि सितंबर 2024 के वेयर अबाउट्स फेलियर और दिसंबर 2025 के मिस्ड टेस्ट को एंटी डोपिंग नियमों का उल्लंघन बताना सही नहीं है। उनका कहना है कि उन्होंने संबंधित एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग किया और ये मामले WADA कोड 2021 के तहत नियम उल्लंघन की श्रेणी में नहीं आते।
ट्रायल में दो भार वर्गों में खेलने के आरोप भी नकारे
विनेश फोगाट ने 2024 चयन ट्रायल में दो अलग-अलग भार वर्गों में हिस्सा लेने के आरोपों को भी गलत बताया। उन्होंने कहा कि उस समय एडहॉक कमेटी को पूरी जानकारी थी और किसी भी स्तर पर कोई आपत्ति नहीं जताई गई थी।
निष्पक्ष मौके की मांग
पूरे विवाद के बीच विनेश फोगाट लगातार यही कह रही हैं कि उन्हें केवल निष्पक्ष मौका चाहिए। उनका कहना है कि यदि उन्होंने सभी नियम पूरे किए हैं तो उन्हें प्रतियोगिता में खेलने से नहीं रोका जाना चाहिए।

