नेशनल डेस्क। गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदियों के पवित्र संगम स्थल प्रयागराज में पौष पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। शनिवार की तड़के सुबह से ही लाखों भक्त संगम पहुंचकर पवित्र त्रिवेणी में स्नान कर पुण्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं। पौष पूर्णिमा के स्नान पर्व को लेकर देश के अलग-अलग राज्यों से श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे हैं। सुबह होते ही संगम तट पर “हर हर गंगे” और “जय गंगा मैया” के जयकारे गूंजने लगे। कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं दिखाई दी।
स्नान के लिए करनी पड़ रही मशक्कत, फिर भी आस्था अडिग
भारी भीड़ के कारण श्रद्धालुओं को संगम में स्नान करने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ रही है। संगम तट तक पहुंचने में समय लग रहा है, लेकिन श्रद्धालु पूरे धैर्य और श्रद्धा के साथ अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। सभी की एक ही भावना है—पवित्र स्नान कर पुण्य अर्जित करना।
#WATCH प्रयागराज, उत्तर प्रदेश: पौष पूर्णिमा के अवसर पर और माघ मेला 2026 के पहले दिन श्रद्धालु बड़ी संख्या में पवित्र स्नान के लिए त्रिवेणी संगम पहुंच रहे हैं। pic.twitter.com/WA92aKHxYS
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 3, 2026
25 लाख श्रद्धालुओं के स्नान का अनुमान
प्रशासन के अनुसार पौष पूर्णिमा के दिन लगभग 25 लाख श्रद्धालुओं के संगम में स्नान करने का अनुमान है। शुक्रवार देर रात से ही बड़ी संख्या में लोग मेला क्षेत्र में पहुंच गए थे। संगम जाने वाले कई रास्तों पर यातायात जाम की स्थिति बनी रही।
कल्पवासियों ने डाले डेरा, माघ मेले की हुई शुरुआत
पौष पूर्णिमा के साथ ही माघ मेले की औपचारिक शुरुआत भी हो गई है। कल्पवासियों ने संगम तट के पास अपने-अपने शिविरों में डेरा डाल लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माघ मेले के शुभारंभ पर कल्पवासियों और श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी हैं।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, 10 हजार पुलिसकर्मी तैनात
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। मेला क्षेत्र में 17 अस्थायी थाने और 42 पुलिस चौकियां बनाई गई हैं। एसपी मेला नीरज कुमार पांडेय के अनुसार करीब 10 हजार पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात हैं। इसके साथ ही एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) भी पूरी तरह से सतर्क है।
यातायात व्यवस्था के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू
भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासन ने विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया है। मेला क्षेत्र के सातों सेक्टरों में बने पांटून पुलों को वन-वे कर दिया गया है, ताकि आवाजाही में कोई परेशानी न हो।