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Uttar Pradesh में उपलब्ध MBBS की 11800 और PG की 3971 सीट का मेडिकल छात्रों को मिल रहा लाभ : Suresh Khanna

Suresh Kumar Khanna

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Suresh Kumar Khanna : वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने बजट भाषण में कहा कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में राजकीय एवं निजी क्षेत्र के विभिन्न मेडिकल कॉलेज/चिकित्सा संस्थान/ विश्वविद्यालय में एमबीबीएस की 11,800 सीट तथा चिकित्सा शिक्षा में परास्नातक (पीजी) की 3971 सीट उपलब्ध हैं जिसका लाभ मेडिकल के छात्रों को मिल रहा है। उन्होंने बृहस्पतिवार को बजट भाषण में कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेशवासियों को गुणवत्तापूर्ण और सस्ती चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए हैं, जिसके परिणामस्वरूप वर्ष 2017 से पहले ‘बीमारू’ प्रदेश कहा जाने वाला उत्तर प्रदेश आज स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के मामले में उत्तम प्रदेश बनकर उभरा है।

‘बीमारू’ शब्द का इस्तेमाल कभी कथित तौर पर आर्थिक विकास, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा और अन्य सूचकांकों के मामले में पिछड़े बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश को दर्शाने के लिए किया जाता था। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि आठ वर्ष पहले प्रत्येक वर्ष प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में संक्रामक रोगों से बड़े पैमाने पर मौतें हुआ करती थीं। उस दौरान प्रदेश में रोगों की पहचान, रोकथाम और इलाज की व्यवस्थाएं जनसामान्य को उपलब्ध नहीं थीं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने कोविड-19 वैश्विक बीमारी का प्रदेश में जिस कुशलता से सामना किया उसकी प्रशंसा विश्व स्तर पर की गई। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं का प्रसार जिस तरह से लगातार हो रहा है वह अद्भुत है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 80 मेडिकल कॉलेज हैं जिनमें 44 राज्य सरकार द्वारा संचालित हैं एवं 36 निजी क्षेत्र में हैं। प्रदेश में दो अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), आईएमएस, बीएचयू (वाराणासी) तथा जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, अलीगढ़ संचालित हैं।

वर्ष 2024-2025 में 13 स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय एवं पीपीपी मोड पर तीन जनपदों-महाराजगंज, सम्भल तथा शामली में नवीन मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं। वित्त मंत्री ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2025-2026 में स्नातक (यूजी), परास्नातक (पीजी) के लिए कुल 10,000 सीट जोड़े जाने की घोषणा की गई है, जिनमें से 1500 सीट उत्तर प्रदेश को प्राप्त होंगी। इसके लिए लगभग 2066 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में सरकारी मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी की कुल सीट संख्या 120 थीं, लेकिन शैक्षणिक सत्र 2024-2025 में इन सीट की संख्या को बढ़ाकर 250 किया गया है। बलिया तथा बलरामपुर में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना के लिए क्रमश 27 करोड़ रुपये तथा 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत 5.13 करोड़ लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं और आयुष्मान कार्ड बनाने में पूरे देश में उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर है।

वित्त मंत्री ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य इकाईयों को आयुष्मान आरोग्य मन्दिर के रूप में उच्चीकृत किया जा रहा है और वर्तमान में कुल 22,681 आयुष्मान आरोग्य मन्दिर स्थापित है। उन्होंने कहा कि उप केन्द्रों से ‘टेलीकन्सलटेशन’ प्रारम्भ कर ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधायें उपलब्ध कराने की शुरुआत जुलाई, 2020 से की गई। प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा पोषित पीपीपी मोड पर निशुल्क डायलिसिस सेवाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत जनपदीय चिकित्सालयों में सीटी स्कैन की निशुल्क सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। खन्ना ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में वर्तमान में 2,110 आयुर्वेदिक, 254 यूनानी एवं 1585 होम्योपैथिक चिकित्सालयों के साथ ही आठ आयुव्रेदिक कॉलेज एवं उनसे सम्बद्ध चिकित्सालय, दो यूनानी कॉलेज एवं उनसे सम्बद्ध चिकित्सालय तथा नौ होम्योपैथिक कॉलेज एवं उनसे सम्बद्ध चिकित्सालय संचालित हैं। वित्त वर्ष 2025-2026 में महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय, गोरखपुर का निर्माण कार्य पूर्ण किया जाना, जनपद अयोध्या में राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय का निर्माण कार्य पूर्ण किया जाना, जनपद वाराणसी में राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज की स्थापना करने का लक्ष्य है।

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