Raja and Sonam Raghuvanshi case : उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी मामले को बेहद गंभीर बताया है। उन्होंने सोमवार को कहा कि समाज ने ऐसा अपराध कम ही देखा है। जिस तरह से एक शातिर दिमाग ने एक नवविवाहित की जीवन लीला समाप्त करने की साजिश रची है, वह बेहद परेशान करने वाला है।
पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने कहा कि सोनम ने योजना के अनुसार वापसी का टिकट बुक नहीं कराया था। यह शादी पूरी लगन और सोच-समझकर की गई थी। शादी के बाद आरोपी सोनम ने इसकी योजना बनाई थी। ऐसे दुर्गम स्थानों पर वही लोग जाते हैं, जिनका मकसद किसी की हत्या करना होता है। पुलिस ने बेहद कम समय में मामले को अंजाम तक पहुंचाया है।
उन्होंने कहा कि सोनम का परिवार सीबीआई जांच की मांग कर रहा है। जिस तरह से मौजूदा पुलिस और जांचकर्ताओं ने काम किया है, मुझे पूरा विश्वास है कि इसका सफलतापूर्वक खुलासा होगा। इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होनी चाहिए और दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए। इस मामले की जांच किसी अन्य जांचकर्ता या एजेंसी को सौंपने का कोई औचित्य नहीं है। मेघालय पुलिस ने इस मामले को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है और मामले से जुड़े सभी पुलिस बलों ने इसमें सहयोग किया है।
आपको बता दें कि इस पूरे मामले में पुलिस का आरोप है कि 25 वर्षीय सोनम रघुवंशी ने अपने 30 वर्षीय पति राजा की हत्या के लिए हत्यारों को किराए पर लिया था, जब वे छोटे से पूर्वोत्तर राज्य मेघालय की यात्रा पर थे। इस पूरे मामले में चार लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।
सोनम के पिता देवी सिंह ने अपनी बेटी का बचाव करते हुए कहा कि ‘वह निर्दोष है और वह ऐसा नहीं कर सकती।’
मेघालय पुलिस के मुताबिक, सोनम ने हनीमून की आड़ में हत्या की योजना बनाई थी। पुलिस का दावा है कि सोनम का राज कुशवाह से प्रेम प्रसंग चल रहा था, जो उसके भाई गौरव रघुवंशी की कंपनी में अकाउंटेंट था। हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया गया है।
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