Recruitment of Police Constables : उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने योगी सरकार में हाल ही में हुई कांस्टेबलों की भर्ती पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह एक नियमित काम था। इसमें कुछ भी नया नहीं था, लेकिन सरकार ने इसका खूब प्रचार किया।
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया। पोस्ट में उन्होंने लिखा, “यूपी में हाल ही में हुई कांस्टेबलों की भर्ती को इस तरह प्रचारित किया गया जैसे कि यह कोई नई बात हो, जबकि पुलिस में इस तरह की भर्ती एक रूटीन काम है, ताकि बैकलॉग की बुराई पुलिस विभाग में न आए। लेकिन, क्या इस भर्ती में पूरे समाज को उसका हक मिलता है या नहीं और उनके प्रशिक्षण का क्या होगा? यह एक आम चिंता है।
एक अन्य पोस्ट में पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल में हुई भर्ती प्रक्रिया को ईमानदार बताया। उन्होंने लिखा, “मेरी बीएसपी सरकार में यूपी में ‘कानून द्वारा कानून का राज’ का न्यायपूर्ण माहौल स्थापित करने के लिए एक ही बार में 1.20 लाख नए पदों का सृजन कर पुलिस भर्ती को ईमानदार बनाया गया था, जिसकी शांति व्यवस्था से बिना किसी भेदभाव के समाज के सभी वर्गों के लोगों को लाभ मिला, जिसकी अब बहुत कमी है।”
बता दें कि 15 जून को लखनऊ के डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में 60,244 नवचयनित पुलिस कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र बांटे गए थे। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मौजूद थे। उन्होंने कहा कि युवाओं को नौकरी मिली है। उन्होंने योगी सरकार की पीठ थपथपाते हुए कहा कि प्रदेश अब दंगा मुक्त है। यहां न्याय का राज है और अब यहां नौकरियां योग्यता के आधार पर दी जाती हैं। आज किसी युवा को एक पैसा नहीं देना पड़ा, कोई खर्चा नहीं, कोई पर्ची नहीं, कोई सिफारिश नहीं, आप सभी का चयन सिर्फ योग्यता के आधार पर हुआ है।
अमित शाह ने कहा कि 12 हजार बेटियों ने भी पुलिस विभाग में अपनी जगह बनाई है। आपको बता दें कि कांस्टेबल नागरिक पुलिस के पदों पर 48,196 पुरुष और 12,048 महिला अभ्यर्थियों का चयन हुआ है।
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