UP-STF Encounter : लखनऊ/ मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्यबल (STF) ने सोमवार को मुजफ्फरनगर जिले में मुठभेड़ के दौरान कुख्यात माफिया संजीव जीवा गिरोह के एक शार्प शूटर को मार गिराया। अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था/एसटीएफ) अमिताभ यश ने लखनऊ में जारी एक बयान में कहा कि एसटीएफ की मेरठ इकाई की टीम ने आज सुबह मुजफ्फरनगर जिले के छपार थाना क्षेत्र में मुठभेड़ के बाद एक शातिर शूटर को गिरफ्तार किया जिसकी पहचान मुजफ्फरनगर के खलापार के निवासी शाहरुख पठान के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि पठान मुठभेड़ के दौरान घायल हो गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
ये हुई बरामदगी
यश के मुताबिक पठान संजीव जीवा गिरोह का शार्प शूटर था। करीब दो साल पहले संजीव जीवा की लखनऊ में पेशी के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। एसटीएफ के मुताबिक, शाहरुख पठान के पास से .30 एमएम पिस्टल बरेटा, .32 एमएम रिवाल्वर आर्डिनेंस. नौ एमएम देसी पिस्तौल, बिना नंबर वाली कार और 65 कारतूस बरामद किए गए हैं।
#WATCH | Muzaffarnagar, Uttar Pradesh | Late gangster Sanjeev Maheshwari Jeeva and mafia don Mukhtar Ansari gang’s shooter Shahrukh Pathan killed in an encounter by the Meerut Special Task Force (STF) unit. Shahrukh Pathan fired more than 10 rounds at the police. STF killed… pic.twitter.com/SPwxaHkDj2
— ANI (@ANI) July 14, 2025
हत्या और रंगदारी के छह से अधिक मामले दर्ज हैं
पठान पर मुजफ्फरनगर, संभल और हरिद्वार में हत्या और रंगदारी के छह से अधिक मामले दर्ज हैं। एसटीएफ के बयान के अनुसार, ‘‘पठान ने 2015 में मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन पर पुलिस हिरासत में आसिफ जायदा नामक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। इस मामले में गिरफ्तार होने के पश्चात जेल में रहने के दौरान वह संजीव जीवा और मुख्तार अंसारी (दिवंगत बाहुबली पूर्व विधायक) के संपर्क में भी आ गया।’’ इसमें कहा गया, ‘‘वह संजीव जीवा के लिए काम करने लगा। कुछ दिन जेल में रहने के पश्चात शाहरुख सिविल लाइन मुजफ्फरनगर से 2016 में फरार हो गया।’’
2017 में कंबल व्यापारी गोल्डी की थी हत्या
बयान में कहा गया कि फरार रहने के दौरान जीवा के कहने पर शाहरुख पठान ने 2017 में हरिद्वार के कंबल व्यापारी गोल्डी की हत्या कर दी थी। इसके अलावा इसी दौरान कोतवाली मुजफ्फरनगर क्षेत्र में आसिफ जायदा हत्याकांड के गवाह जायदा के पिता की हत्या कर दी।
50 हजार का था इनाम
बयान के अनुसार इस हत्या के बाद पठान की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया और पुनः उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसमें कहा गया कि गोल्डी हत्याकांड में संजीव जीवा के अलावा उसे भी उम्र कैद की सजा हुई थी और वर्तमान में वह जमानत पर बाहर आया था।
मुकदमों के गवाही देने वालों लोगों को देता था धमकी
एसटीएफ ने बताया, ‘‘करीब छह माह पूर्व जमानत पर बाहर आने के बाद पठान हत्या के मुकदमों के गवाही देने वालों को धमकाने लगा। संभल में उसके खिलाफ धमकी देने और हत्या के प्रयास के आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया जिसमें यह वांछित था और पुलिस तलाश कर रही थी।’’ इसने बताया कि सोमवार को पुलिस मुठभेड़ में वह मारा गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार शाहरुख पठान का नेटवर्क उत्तराखंड से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में फैला हुआ था और वह भाड़े पर हत्या से लेकर रंगदारी, वसूली जैसी गतिविधियों में लिप्त था।

