Site icon Dainik Savera Times

कानून व्यवस्था, तकनीक और संवेदना के नए युग की ओर बढ़ा प्रदेश : CM YOGI

cm yogi

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस समारोह में प्रदेश पुलिस के वीर शहीदों को नमन किया। उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान प्रदेश और देश की अमूल्य पूंजी है, जिसे हम कभी भूल नहीं सकते। उनकी स्मृतियां हमें कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और जनसेवा का अमर संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश पुलिस ने अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था सुदृढ़ीकरण और महिला सुरक्षा के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 4,061.87 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7 प्रतिशत अधिक है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2024-25 के दौरान उत्तर प्रदेश के तीन बहादुर पुलिसकर्मियों, एसटीएफ निरीक्षक सुनील कुमार, मुख्य आरक्षी दुर्गेश कुमार सिंह (जौनपुर) और आरक्षी सौरभ कुमार (गौतमबुद्ध नगर) ने अपने प्राणों की आहुति दी।

मुख्यमंत्री ने शहीद पुलिस कर्मियों के परिजनों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनके कल्याण के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ हर कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि 96 पुलिस कर्मियों (केंद्रीय बलों एवं अन्य राज्यों के मूल निवासी यूपी के पुलिसकर्मी सहित) को कुल 30.70 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पुलिस बल के मनोबल, कार्यकुशलता और व्यावसायिक दक्षता को सशक्त करने के लिए कई अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस कर्मियों की सेवानिवृत्ति और मृत्यु के उपरांत 90 प्रतिशत जीपीएफ के 2,511 प्रकरणों का भुगतान किया गया, जबकि उत्तर प्रदेश सामान्य भविष्य निधि नियमावली 1985 के अंतर्गत पुलिस मुख्यालय संभाग के 108 पुलिस कार्मिकों को अग्रिम धनराशि स्वीकृत की गई।

ये भी पढ़ेंः बोले राजनाथ सिंह, जो क्षेत्र नक्सलियों के आतंक से कांपते थे आज वहां सड़कें, अस्पताल, स्कूल और कॉलेज हैं

234 पुलिसकर्मियों के मेधावी बच्चों को 51.10 लाख रुपये की छात्रवृत्ति दी गई तथा 1.12 करोड़ रुपये की अतिरिक्त स्वीकृति प्रदान की गई। स्वास्थ्य सुरक्षा के तहत चिकित्सा प्रतिपूर्ति संबंधी 519 मामलों में 11.85 करोड़ रुपये की चिकित्सा प्रतिपूर्ति दी गई, जबकि 170 कर्मियों को जीवन रक्षक निधि से 6.64 करोड़ रुपये अग्रिम दिए गए। 374 मृतक पुलिस कर्मियों के आश्रितों को 11.86 करोड़ की बीमा धनराशि और 124 आश्रितों को बैंक ऑफ बड़ौदा के ‘बड़ौदा पुलिस सैलरी पैकेज’ से 67.76 करोड़ रुपये का भुगतान कराया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मियों के सम्मान में 34 कर्मियों को राष्ट्रपति वीरता पदक, 11 को विशिष्ट सेवा पदक और 145 को सराहनीय सेवा पदक मिले हैं। गृह मंत्रालय ने 763 कर्मियों को उत्कृष्ट सेवा पदक, जबकि 486 को सराहनीय सेवा पदक प्रदान किए हैं। मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक तीन राजपत्रित अधिकारियों को प्रदान किए गए।

पुलिस महानिदेशक द्वारा 90 राजपत्रित और 404 अराजपत्रित कर्मियों को सम्मान चिन्ह प्रदान किए गए। वहीं 35 प्लेटिनम, 115 गोल्ड और 789 सिल्वर प्रशंसा चिन्ह भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी पुलिस ने भर्ती और प्रशिक्षण में रिकॉर्ड उपलब्धियां हासिल की हैं। वर्ष 2017 से अब तक 2.09 लाख पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई है, जिनमें 34,000 महिलाएं शामिल हैं। राजपत्रित स्तर पर 1.52 लाख से अधिक पदोन्नतियां दी गई हैं। वर्तमान में 28,154 पदों पर भर्ती और 2,391 पर पदोन्नति प्रक्रिया जारी है।

 

Exit mobile version