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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की महासभा के लिए मिली अनुमति, रखी गई ये 26 शर्तें

Swami Avimukteshwaranand

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Swami Avimukteshwaranand: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मंगलवार देर शाम तक लखनऊ पहुंचेंगे। 11 मार्च को लखनऊ के कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक स्थल में उनका कार्यक्रम प्रस्तावित है, जहां वे ‘गौ प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ का शंखनाद करेंगे। उनके कार्यक्रम ‘गौ माता प्रतिष्ठा संकल्प महासभा’ को प्रशासन ने 26 शर्तों के साथ अनुमति दे दी है।

जगद्गुरु शंकराचार्य ज्योतिष पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने वाराणसी से शुरू की गई अपनी पदयात्रा को ‘धर्मयुद्ध’ का नाम दिया है। उन्होंने इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार को 40 दिनों का अल्टीमेटम भी दिया था, जिसके बाद इस अभियान की शुरुआत की गई। यह पदयात्रा 7 मार्च को काशी से शुरू हुई, जो जौनपुर, सुल्तानपुर, अमेठी, रायबरेली और उन्नाव जैसे जिलों से गुजरते हुए 11 मार्च को लखनऊ पहुंचेगी।

लखनऊ पहुंचने के बाद कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक स्थल पर ‘गौ माता प्रतिष्ठा संकल्प महासभा’ का आयोजन होगा, जिसमें गौ संरक्षण को लेकर संकल्प लिया जाएगा और मांगों से जुड़ा ज्ञापन सक्षम अधिकारियों को सौंपा जाएगा।

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इन शर्तों के साथ मिली अनुमति
प्रशासन ने कार्यक्रम की अनुमति देते हुए सख्त नियम और शर्तें लागू की हैं ताकि शांति, यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो। इन शर्तों के अनुसार किसी भी धर्म, जाति, संप्रदाय या भाषा के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही किसी राजनीतिक या धार्मिक व्यक्ति के खिलाफ विवाद उत्पन्न करने वाली टिप्पणी भी नहीं की जा सकेगी। नाबालिग बच्चों से किसी भी प्रकार के विवादित नारे नहीं लगवाए जाएंगे। कार्यक्रम स्थल पर सीमित संख्या में ही वाहनों को प्रवेश दिया जाएगा और पार्किंग की व्यवस्था इस तरह की जाएगी कि यातायात बाधित न हो।

नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई
इसके साथ ही आयोजकों को केवल पारंपरिक ध्वज-दंड रखने की अनुमति होगी, किसी भी प्रकार की घातक वस्तु लाने पर रोक रहेगी। शांत क्षेत्र में लाउडस्पीकर, ढोल-नगाड़े या तेज संगीत बजाने की अनुमति नहीं होगी और ध्वनि प्रदूषण नियम 2000 के प्रावधानों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य होगा। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 15 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। किसी भी अप्रिय स्थिति की पूरी जिम्मेदारी आयोजकों की होगी और आवश्यक होने पर पुलिस बल की व्यवस्था का खर्च भी आयोजकों को वहन करना होगा।

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शर्तों का पालन करना अनिवार्य
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी शर्त का उल्लंघन होता है तो कार्यक्रम की अनुमति स्वतः निरस्त कर दी जाएगी और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस आयोजन को सनातन आस्था और गौ संरक्षण से जुड़े श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, लेकिन प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सभी शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा।

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