Site icon Dainik Savera Times

गोरखपुर में दर्दनाक हादसाः खुले नाले में जा गिरा 11 साल का बच्चा, पेट में सरिया घुसने से हुई मौत

Gorkhpur news

Gorkhpur news

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक बड़ा हादसा हो गया है। जहां, मुडिला उर्फ मुंडेरा गांव के रहने वाले श्यामसुंदर का 11 वर्षीय बेटा कन्हैया गुरुवार को साइकिल से जा रहा था। रास्ते में उसे एक खुला नाला पार करना था। नाले पर कोई ढक्कन या सुरक्षा की व्यवस्था नहीं थी। जैसे ही वह नाला पार करने लगा, अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह साइकिल समेत नाले में गिर गया। यह घटना चिलुवाताल थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 5, जीडीए विस्तार नगर कॉलोनी के पास हुई।

सरिया सीने के आर-पार हो गई
नाले के अंदर लोहे की नुकीली सरिया (छड़) निकली हुई थी। गिरते ही वह सरिया बच्चे के सीने में घुस गई और आर-पार हो गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद करने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस दर्दनाक हादसे में मासूम कन्हैया की मौके पर ही मौत हो गई।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
बेटे की अचानक मौत से पूरे परिवार में मातम छा गया है। मां-बाप और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव और मोहल्ले के लोग भी इस घटना से सदमे में हैं। परिजनों का कहना है कि अगर नाला ढका होता या वहां सुरक्षा के इंतजाम होते, तो आज उनका बेटा जिंदा होता। लोगों का आरोप है कि सरकारी लापरवाही की वजह से एक मासूम की जान चली गई।

प्रशासन ने उठाए सख्त कदम
घटना की गंभीरता को देखते हुए गोरखपुर के कमिश्नर ने सख्त कदम उठाए हैं। टेक्निकल सुपरवाइजर को बर्खास्त कर दिया गया है। संबंधित जेई (जूनियर इंजीनियर) को निलंबित कर दिया गया है। पूरे मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। आसपास के खुले नालों को तुरंत बंद करने का निर्देश भी दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पहले भी हो चुका है ऐसा हादसा
यह पहली बार नहीं है जब खुले नाले की वजह से किसी की जान गई हो। पिछले साल तिवारीपुर थाना क्षेत्र में भी एक मासूम की इसी तरह मौत हो गई थी। उस घटना के बाद नाले को ढकने की बात कही गई थी, लेकिन समय के साथ लापरवाही फिर सामने आ गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि खुले नालों की वजह से आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं और प्रशासन समय पर ध्यान नहीं देता।

लोगों में आक्रोश
इस घटना के बाद इलाके के लोगों में काफी नाराजगी है। उनका कहना है कि जब तक सभी खुले नालों को ठीक से ढका नहीं जाएगा, तब तक ऐसे हादसे होते रहेंगे। लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि पूरे शहर में खुले नालों की जांच की जाए और जल्द से जल्द उन्हें सुरक्षित बनाया जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसा दुख न झेलना पड़े।

 

Exit mobile version