लखनऊ। केंद्रीय बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया देते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार ने इस बजट में उत्तर प्रदेश के लिए व्यापक और दूरगामी प्रावधान किए हैं। उन्होंने बजट के लिए प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री योगी ने सोमवार को अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बीते 11 वर्षों में देश ने विकास की जो यात्रा तय की है, उसी का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश देश की प्रगति में निर्णायक योगदान दे रहा है। भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है, जो सुदृढ़ नीतियों और सुशासन का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमेशा नेशन फर्स्ट की भावना को प्राथमिकता दी है। अधिकारों के साथ-साथ नागरिक कर्तव्यों की बात करना भी उतना ही आवशय़क है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौलिक अधिकारों की चर्चा तो होती है, लेकिन कर्तव्यों की उपेक्षा कर दी जाती है, जबकि हर भारतीय को अपने कर्तव्यों का बोध कराना जरूरी है। वर्तमान बजट इसी सोच को मजबूती देता है।
योगी ने कहा कि यह बजट समावेशी विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। किसान, युवा, महिलाएं और गरीब वर्ग इस बजट के केंद्र में हैं। एमएसएमई सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे उत्तर प्रदेश के छोटे और मध्यम उद्योगों को बड़ा लाभ मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि यह बजट भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है और उत्तर प्रदेश इससे सर्वाधिक लाभ उठाने वाला राज्य होगा। बजट में प्रस्तावित सात रेलवे कॉरिडोर में से दो कॉरिडोर उत्तर प्रदेश को मिले हैं। आने वाले समय में इससे राज्य को बेहतर कनेक्टिविटी, तेज रेल सेवाओं और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि का लाभ मिलेगा। साथ ही, अंतर्देशीय जलमार्गों (वॉटरवेज) के उपयोग से भी प्रदेश को फायदा होगा।