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योगी सरकार की पहल से रोशन हुआ वनटांगिया गांव

लखनऊ/गोण्डा। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक बार फिर साबित किया है कि उसकी प्राथमिकता गांव, गरीब और वंचित हैं। गोण्डा जिले के छपिया ब्लॉक स्थित मनीपुर ग्रांट वनटांगिया गांव में पहली बार बिजली पहुंचने का सपना अब साकार हुआ है। योगी सरकार की नीतियों और निर्णयों के चलते इस सुदूर वनवासी गांव में भी अब विकास की रोशनी पहुंच चुकी है। वर्षों तक अंधेरे में रहने वाले करीब 80 लोगों की आबादी वाले इस गांव में अब रोशनी की नई किरण दिखाई देने लगी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की योजनाओं ने इस बदलाव को संभव बनाया है।

2018 में हुई थी बदलाव की शुरुआत
आजादी के बाद से अंधेरे में डूबे इस गांव में बदलाव की शुरुआत 2018 में हुई, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वनटांगिया गांवों के विकास के लिए विशेष पहल की। पहले चरण में सोलर लाइट्स लगाई गईं, जिससे ग्रामीणों को रात के अंधेरे से कुछ राहत मिली। अब विद्युत विभाग द्वारा बिजली कनेक्शन देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

शिविर में होंगे बिजली कनेक्शन वितरित
शनिवार को गांव में एक विशेष शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें औपचारिक रूप से ग्रामीणों को बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे। इससे न केवल घरों में रोशनी आएगी, बल्कि गांव विकास की मुख्यधारा से भी जुड़ सकेगा।

सरकारी योजनाओं से मिली मजबूती
सरकार की योजनाओं का सीधा लाभ अब ग्रामीणों को मिलने लगा है। गांव के बुजुर्ग संतराम कहते हैं, “हमने कभी नहीं सोचा था कि हमारे गांव तक बिजली पहुंचेगी। अब जिंदगी में रोशनी आई है।” संजय, जिन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर मिला है, ने कहा, “अब बच्चों की पढ़ाई भी ठीक से हो पाएगी, और हमें छत टपकने की चिंता नहीं करनी पड़ेगी।” राम कृपाल ने इसे एक ऐतिहासिक बदलाव बताया।

योगी सरकार के विज़न से बदला भविष्य
बिजली आने से ग्रामीणों को न सिर्फ रोजमर्रा की सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे। मोबाइल चार्जिंग, बच्चों की पढ़ाई, और घरेलू काम अब आसानी से हो सकेंगे। वनटांगिया गांवों के विकास को लेकर योगी सरकार का यह प्रयास एक मॉडल बनता जा रहा है कि इच्छाशक्ति हो तो कोई भी कोना विकास से अछूता नहीं रह सकता।

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