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Winter Vacation News: बच्चों की लगी जमकर मौज, ठंड और कोहरे की वजह से इतने दिनों के लिये स्कूल बंद

School Holiday

School Holiday

Winter Vacation News: उत्तर प्रदेश के एनसीआर क्षेत्र में ठंड लगातार बढ़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए सहारनपुर जिले के जिलाधिकारी ने रविवार देर शाम आदेश जारी किया है कि कक्षा 8 तक के सभी स्कूल अभी बंद रहेंगे। यानी छोटे बच्चों को ठंड से बचाने के लिए स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है।

केंद्रीय विद्यालयों में भी विंटर वेकेशन घोषित
ठंड और कोहरे के कारण केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) ने भी आधिकारिक रूप से शीतकालीन अवकाश यानी विंटर वेकेशन का शेड्यूल जारी कर दिया है। यह छुट्टी पूरे देश के केंद्रीय विद्यालयों पर लागू होगी।

इतने दिनों रहेगा शीतकालीन अवकाश
KVS के अनुसार छुट्टियां 23 दिसंबर 2025 से शुरू होकर 11 जनवरी 2026 तक रहेंगी। यानी बच्चों को 19 दिनों की पूरी छुट्टी मिलेगी। 12 जनवरी 2026 से स्कूल फिर से खुलेगा और बच्चों को नियमित कक्षाओं में आना होगा

ठंड बढ़ी तो छुट्टियां और भी बढ़ सकती हैं
केंद्रीय विद्यालय संगठन ने यह भी कहा है कि अगर जनवरी के पहले हफ्ते में मौसम और खराब हो गया – जैसे बहुत ज्यादा ठंड, घना कोहरा, या कोई अनहोनी मौसम की स्थिति – तो छुट्टियाँ और बढ़ाई जा सकती हैं। इस संबंध में अंतिम फैसला स्कूल प्रशासन और क्षेत्रीय कार्यालय लेंगा।

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KVS का विंटर वेकेशन शेड्यूल अलग क्यों होता है
अक्सर लोग पूछते हैं कि केंद्रीय विद्यालय की छुट्टियां अन्य सरकारी या निजी स्कूलों से अलग क्यों होती हैं। इसके कारण यह हैं। केंद्रीय विद्यालय देश के अलग-अलग राज्यों में फैले हैं। हर क्षेत्र का मौसम अलग होता है – कहीं बर्फबारी होती है, कहीं कोहरा ज़्यादा होता है। इसलिए छुट्टियां क्षेत्रीय मौसम की स्थिति देखकर तय की जाती हैं। KVS केंद्र सरकार के अधीन है और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुसार पढ़ाई होती है। जहां स्मार्ट क्लास, डिजिटल लर्निंग और कोर्स प्लानिंग को ध्यान में रखकर छुट्टियां तय होती हैं।

छुट्टियां बच्चों के लिए फायदेमंद कैसे
19 दिन की यह छुट्टियां बच्चों के लिए सिर्फ आराम का समय नहीं हैं, बल्कि यह समय उन्हें पढ़ाई सुधारने का मौका भी देता है। बच्चे इस समय में अपने सिलेबस का रिवीजन कर सकते हैं। जिस विषय में कमजोरी है, उसे मजबूत कर सकते हैं। घर पर रहकर स्मार्ट लर्निंग और डिजिटल कंटेंट के जरिए भी पढ़ाई कर सकते हैं।शिक्षकों को भी इस दौरान अगली पढ़ाई की बेहतर योजना बनाने का समय मिलेगा।

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