Cloud burst in Himachal : हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा दी है। बीती रात से जारी भारी बारिश के चलते मंडी जिले के कई क्षेत्रों गोहर, करसोग और धर्मपुर में बादल फटने की घटनाएं सामने आई हैं। अब तक चार लोगों की मौत, जबकि 16 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने अब तक 99 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।बारिश से प्रदेश के कई हिस्सों में नदी-नाले उफान पर हैं, घर और गोशालाएं तबाह हो चुकी हैं और कई इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। वहीं करसोग घाटी में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। भारी बारिश के कारण 7 से 8 घर बह गए, और कई गाड़ियां पानी की तेज धार में बह गईं। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे घरों से बाहर न निकलें और सावधानी बरतें।

बादल फटने से मंडी में तबाही
– मंडी जिले में करसोग, गोहर, और धर्मपुर क्षेत्रों में बादल फटे हैं।
– करसोग में एक मौत, जबकि चार लोग लापता हैं।
– गोहर उपमंडल के स्यांज में एक घर बह गया, जहां 7 लोग लापता हैं।
– सराज क्षेत्र के बाड़ा में दो और तलवाड़ा में तीन लोग लापता हैं।
– धर्मपुर के त्रियांबला में दो घर और पांच गोशालाएं क्षतिग्रस्त, 26 मवेशियों की मौत।
#WATCH | Mandi | Due to very heavy rainfall in the region, the Beas River is experiencing severe flooding.
The India Meteorological Department (IMD) has issued a red alert in Himachal Pradesh. pic.twitter.com/dGD7ZSpIjl
— ANI (@ANI) July 1, 2025
लापता लोगों की पहचान
स्यांज में बह गए लोगों की हुई पहचान:
पदम सिंह (75), देवकू देवी (70), झाबे राम (50), पार्वती देवी (47), सुरमि देवी (70), इंद्र देव (29), उमावती (27), कनिका (9), गौतम (7) मां-बेटी को रेस्क्यू कर लिया गया है, बाकी की तलाश जारी है।
10 घर और 12 गोशालाएं क्षतिग्रस्त
अब तक की जानकारी के अनुसार 10 घर पूरी तरह बह चुके हैं या क्षतिग्रस्त हैं। वहीं 12 गोशालाएं भी नष्ट हो चुकी हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत-बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। डीसी मंडी अपूर्व देवगन खुद प्रभावित क्षेत्रों में हालात का जायजा ले रहे हैं।
करसोग में नाले ने मचाया तांडव
करसोग के मेगली गांव में नाले का पानी गांव के बीचों-बीच बहने लगा, जिससे करीब 8 घर और दो दर्जन से अधिक गाड़ियां इसकी चपेट में आ गईं। वहीं पंडोह क्षेत्र में नाले का जलस्तर इतना बढ़ गया कि पानी घरों के अंदर घुस गया। रात के समय डर के माहौल में लोग घर छोड़कर सड़क पर आ गए। पंडोह पुलिस कैंप ने आपात स्थिति में लोगों को शरण दी।
धर्मपुर और थुनाग में हालात गंभीर
धर्मपुर क्षेत्र में नदी का जलस्तर 20 फुट तक ऊपर उठ गया, जिससे बाजार और बस अड्डा जलमग्न हो गया। वहीं थुनाग में मुख्य बाजार की सड़क पर ही नाला बहने लगा, जिससे घरों में पानी घुस गया। कई लोगों ने पूरी रात जागकर बिताई।
कुल्लू की तीर्थन घाटी में भी तबाही
कुल्लू जिले की बंजार तहसील स्थित तीर्थन घाटी में भी बारिश का कहर देखने को मिला। तीर्थन नदी उफान पर है और इसके आसपास के इलाकों में दर्जनों रास्ते टूट गए हैं। कई गांवों का संपर्क मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है।
जनजीवन अस्त-व्यस्त, यातायात प्रभावित
बारिश और लैंडस्लाइड के कारण कई सड़कों पर यातायात ठप हो गया है। स्थानीय लोगों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है, जिसमें मकान, दुकानें और वाहन शामिल हैं। बिजली और संचार सेवाओं पर भी असर पड़ा है।
मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट
01 जुलाई से 06 जुलाई 2025 के बीच हिमाचल में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने आज के लिए रेड अलर्ट जारी किया है और अगले कुछ घंटों में बारिश के और तेज होने की संभावना जताई है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और नदियों का जलस्तर और बढ़ने की आशंका है।
प्रशासन की अपील
मंडी जिला प्रशासन ने लोगों से बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलने की अपील की है। प्रशासन ने आगाह किया है कि आने वाले घंटे बेहद संवेदनशील हैं, इसलिए यात्रा न करें और जारी एडवाइजरी का पालन करें।