Today weather 6 July 2026: देशभर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और आने वाले 24 से 48 घंटे कई राज्यों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र, सक्रिय मानसूनी ट्रफ और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत में बारिश का दौर तेज हो गया है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक देश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी से लेकर भारी बारिश देखने को मिल सकती है।
पश्चिम और मध्य भारत में सबसे ज्यादा असर
6 जुलाई को गुजरात, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। कुछ इलाकों में अत्यधिक बारिश भी दर्ज की जा सकती है। मध्य प्रदेश और विदर्भ में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। छत्तीसगढ़ के लिए अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
गुजरात और महाराष्ट्र के कई हिस्सों, विशेषकर मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़ और कोंकण क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के कारण सड़क यातायात और स्थानीय परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
दिल्ली-NCR में बदलेगा मौसम का मिजाज
दिल्ली-NCR में मानसून की शुरुआत अपेक्षाकृत कमजोर रही थी, लेकिन अब मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद में तेज बारिश का अनुमान जताया है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा होगी और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
उत्तर प्रदेश में 11 जुलाई तक बढ़ेगा बारिश का दायरा
उत्तर प्रदेश में भी मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश हो सकती है। तेज हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, 7 से 11 जुलाई के बीच बारिश का प्रभाव और व्यापक होगा। विशेष रूप से 10 और 11 जुलाई को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
उत्तराखंड में भूस्खलन का खतरा
उत्तराखंड के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। लगातार वर्षा के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने और सड़कें बाधित होने का जोखिम बढ़ गया है। चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा से पहले मौसम की ताजा जानकारी लेने और विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने से कुछ स्थानों पर अचानक बाढ़ जैसी स्थिति भी बन सकती है।
बिहार और झारखंड में बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका
बिहार के कई जिलों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की है। राज्य में 6 से 8 जुलाई तक लगातार बारिश के संकेत हैं।
झारखंड में भी अगले कुछ दिनों तक कई जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। दक्षिणी और मध्य हिस्सों में जलभराव तथा स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। लगातार बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क प्रभावित होने की आशंका है।
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पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भी जारी रहेगा बारिश का दौर
ओडिशा में कई स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी मानसून सक्रिय रहेगा। इन राज्यों में तेज हवाओं और आकाशीय बिजली को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है।
दक्षिण भारत में केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। तटीय कर्नाटक और केरल में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
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