Today’s weather 31 July 2026: देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून का प्रभाव लगातार बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार 31 जुलाई को देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। उत्तर, पूर्व, पश्चिम, मध्य और उत्तर-पूर्व भारत के अनेक राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा का अनुमान जताया गया है। इसके चलते जलभराव, फ्लैश फ्लड, भूस्खलन और यातायात प्रभावित होने जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।
पश्चिमी भारत में सबसे अधिक बारिश की संभावना
IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक गुजरात के अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और भरूच सहित कई जिलों में 31 जुलाई को 80 से 170 मिमी तक अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। लगातार वर्षा के कारण निचले इलाकों में पानी भरने और फ्लैश फ्लड का खतरा बना हुआ है। एहतियात के तौर पर कई स्थानों पर स्कूल और कॉलेज बंद रखे गए हैं।
मध्य महाराष्ट्र में भी 31 जुलाई के दौरान कई इलाकों में बहुत भारी बारिश की संभावना है। वहीं कोकण और गोवा में भी भारी से बहुत भारी वर्षा का दौर जारी रहने का अनुमान है।
उत्तर भारत में पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा
उत्तर भारत में मानसून ट्रफ के प्रभाव से कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। दिल्ली-NCR में दिनभर बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। यहां अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।
पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। जम्मू-कश्मीर में भी हल्की से भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई गई है।
पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों में वर्षा
पूर्वी भारत के राज्यों बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में व्यापक वर्षा होने का अनुमान है। कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। उत्तर-पूर्व भारत के असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भी भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। लगातार वर्षा के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है। सिक्किम और हिमालयी पश्चिम बंगाल में भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
ये भी पढ़ें- Today Hukamnama 31 July 2026: हुक्मनामा श्री हरमंदिर साहिब जी
दक्षिण भारत में मानसून सक्रिय
दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में मानसून सक्रिय बना रहेगा। केरल, तटीय कर्नाटक और कोकण क्षेत्र में व्यापक वर्षा के साथ कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। तेलंगाना और विदर्भ में 30 जुलाई को भारी वर्षा दर्ज की गई थी, जबकि 31 जुलाई को इसका मुख्य प्रभाव मध्य महाराष्ट्र और गुजरात में देखने को मिलेगा। आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक के आंतरिक हिस्सों में छिटपुट बारिश की संभावना बनी हुई है। पूरे दक्षिण भारत में वर्षा सामान्य से लेकर सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है।
मध्य भारत में भी जारी रहेगा बारिश का दौर
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भारी बारिश का सिलसिला जारी है। डीप डिप्रेशन का असर विशेष रूप से विदर्भ और मध्य महाराष्ट्र पर देखा जा रहा है। राजस्थान के दक्षिणी क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश होने की संभावना है। हालांकि जिन इलाकों में वर्षा कम होगी, वहां तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक रह सकता है।

