
Bittu Targets Punjab Government Over Law and Order After Ludhiana Killing : लुधियाना। पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने सिविल अस्पताल पहुंचकर युवक की हत्या के मामले में डॉक्टरों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पंजाब की कानून-व्यवस्था, नशे के कारोबार और पराली जलाने के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरा। बिट्टू ने मुख्यमंत्री और पंजाब के डीजीपी को मौजूदा स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। वहीं, 1984 के सिख विरोधी नरसंहार का हवाला देते हुए उन्होंने कांग्रेस के 1 नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित कार्यक्रम पर भी आपत्ति जताई।
उन्होंने कहा कि पहले विवाद संपत्ति या पैसों के लेन-देन को लेकर होते थे, लेकिन यह घटना नशीले पदार्थों की बिक्री और ग्राहकों को लेकर हुए टकराव का नतीजा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई है और इसके लिए मुख्यमंत्री और पंजाब के DGP को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आगे कहा कि भले ही पूरे राज्य में ‘ऑपरेशन कांटों’ (पुलिस की कार्रवाई) चलाया जा रहा है, फिर भी कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब बनी हुई है।
इसके अलावा, रवनीत सिंह बिट्टू ने 1 नवंबर को दिल्ली में एक कार्यक्रम आयोजित करने की कांग्रेस पार्टी की योजना पर भी पलटवार किया। बिट्टू ने कहा कि कांग्रेस सरकार—जो 1984 में सिखों के नरसंहार के लिए जिम्मेदार थी—नवंबर के महीने में यह कार्यक्रम आयोजित करना चाहती है, जो बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि उसी परिवार से जुड़े राहुल गांधी इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे, फिर भी पंजाब के नेता इस मुद्दे पर चुप हैं। रवनीत सिंह बिट्टू ने पराली जलाने के मुद्दे पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा के बयान पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब में किसानों के खिलाफ मामले केंद्र सरकार नहीं, बल्कि पंजाब सरकार दर्ज कर रही है। साथ ही, उन्होंने सवाल उठाया कि दिल्ली के IQ स्तर का पंजाब की स्थिति से क्या लेना-देना है।
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