विधानसभा स्पीकर Sandhwan ने विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम किताबों के साथ अन्य पुस्तकें पढऩे की दी सलाह

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चंडीगढ़: पंजाब विधान सभा के स्पीकर स. कुलतार सिंह संधवां ने विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम की किताबों के साथ-साथ अन्य पुस्तकें भी पढऩे की सलाह दी है, जिससे उनका ज्ञान पाठ्यक्रम की पढ़ाई तक ही सीमित न रहे। लेखन मुकाबलों के विजेता विद्यार्थियों का आज विधान सभा में सम्मानित करने के अवसर पर स. संधवां ने कहा कि विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनको इतिहास और साहित्य समेत अन्य किताबें भी पढऩी चाहीए हैं। उन्होंने कहा कि साहित्य मानव के विकास में अहम भूमिका निभाता है जिस कारण हरेक बच्चे को उपन्यास, कहानियाँ, कविताएँ आदि ज़रूर पढऩी चाहीए हैं।  संधवां ने कहा कि पंजाब सरकार ने स्कूली विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित बनाने की दिशा की ओर पहल की है।

स्कूली शिक्षा को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए 100 स्कूल ऑफ एमिनेंस की शुरुआत की है। स्कूलों का स्तर ऊँचा उठाने के लिए प्रयास आरंभ किए गए हैं और अध्यापकों की कमी को पूरा करने के लिए भी कोशिशें शुरू कर दी हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में काम कर रहे स्कूल शिक्षा प्रशासकों, स्कूल प्रमुखों और अध्यापकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण प्रदान करवाने के लिए अंतरराष्ट्रीय शिक्षा मामले सैल (इंटरनेशनल एजुकेशन अफ़ेयजऱ् सैल) की स्थापना की गई है, जिससे वह पढ़ाई की नई तकनीकें सीखकर बच्चों का अच्छा मार्गदर्शन कर सकें। इस अवसर पर स्पीकर ने ए.एन. गुजराल सीनियर सेकंडरी स्कूल जालंधर की छात्रा पूजा कुमारी, कामना और मुस्कान को पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर आने के लिए सम्मानित किया। इस अवसर पर विधान सभा के डिप्टी श्री जय कृष्ण सिंह रोड़ी, श्री गुरमीत सिंह खुड्डियां, श्री जगरूप सिंह और श्री दलजीत सिंह गरेवाल (सभी विधायक) भी उपस्थित थे।