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Mission Mode में पर्यटन का विकास : Digital Connectivity आधुनिक बनाएगा मंत्रालय

March 3, 2023

Mission Mode में पर्यटन का विकास : Digital Connectivity आधुनिक बनाएगा मंत्रालय

नई दिल्ली: पर्यटन मंत्रालय अगले कुछ वर्षों में पर्यटन एप्लीकेशन और डिजिटल सम्पर्क को और अधिक आधुनिक बनाएगा। ये संयुक्त राष्ट्र की सभी भाषाओं और भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होगा। केंद्रीय बजट में घोषित पहलों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए विचारों और सुझावों के लिए सरकार द्वारा आयोजित किए गए पोस्ट-बजट वेबिनार में शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि देश में पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाई देने के लिए दीर्घकालिक योजना बनाने पर विचार करने की आवश्यकता है। भारत की पर्यटन संभावना को बढ़ावा देने पर बजट उपरान्त वेबिनार को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत के पर्यटन क्षेत्र को तटीय, मैनग्रोव, हिमालयी, एडवेंचर, वन्य जीवन, पारिस्थितकीय, विरासत और आध्यात्मिक पर्यटन के रूप में बढावा दिया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष के केन्द्रीय बजट में पर्यटन क्षेत्र को समग्र रूप से बढावा देने का प्रावधान किया गया है। भारत के सामाजिक और सांस्कृतिक सभ्यता का पर्यटन सदा ही एक हिस्सा रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि अगर हमारे देश में सुविधाएं बढाई जाएंगी, तो पर्यटकों की संख्या बढेगी। उन्होंने कहा कि यात्रा की सुगमता बढेगी, तो पर्यटक आकर्षित होंगे। वाराणसी के काशी विश्वनाथ धाम और केदारनाथ धाम इसके जीवन्त उदाहरण है। प्रधानमंत्री ने कहा कि नागरिक सुविधाएं, डिजिटल सम्पर्क, स्वच्छता और बेहतर अवसंरचना पर्यटन को बढावा देने में सहायक होंगे। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की बढती संख्या से रोजगार के अवसर बढेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि भारत विदेशी पर्यटकों के अभूतपूर्व आगमन का साक्षी बन रहा है। उन्होंने कहा कि बेहतर योजना से इस अवसर का लाभ उठाने की आवश्यकता है।

मोदी ने कहा कि और अधिक विदेशी यात्रियों के आगमन को बढावा देने के लिए एक कार्यनीति बनाने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पर्यटन सामग्री की रूपरेखा तैयार करने में सभी भाषाओं का प्रयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने पर्यटन एप्लीकेशन और डिजिटल सम्पर्क को और अधिक आधुनिक बनाने की बात कही। मोदी ने कहा कि यह संयुक्त राष्ट्र की सभी भाषाओं और भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होना चाहिए। मंत्रालय के अनुसार इन ब्रेकआउट सत्रों के विषय पर्यटन विकास के लिए गंतव्य केंद्रित दृष्टिकोण, अभिसरण – सहयोग की शक्ति, पर्यटन क्षेत्र में सार्वजनिक निजी भागीदारी को मजबूत करना, पर्यटन क्षेत्र में नवाचार और डिजिटलीकरण को बढ़ावा देना, पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए जमीनी स्तर पर जीवन को प्रभावित करना है।

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