Last Updated: September 30, 2026

Dainik Savera Times Logo

नई शिक्षा नीति के तहत पीएमश्री स्कूलों पर खर्च होंगे 14 हजार 500 करोड़ रूपये

July 27, 2023

नई शिक्षा नीति के तहत पीएमश्री स्कूलों पर खर्च होंगे 14 हजार 500 करोड़ रूपये

भिवानी: नई शिक्षा नीति को बेहतरीन तरीके से लागू करने के उद्देश्य से भारत सरकार के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा पीएमश्री स्कूलों की शुरूआत की गई है। इसके तहत देश भर में पीएमश्री स्कूलों पर 14500 करोड़ रूपय सरकार द्वारा खर्च किए जा रहे हैं। पीएमश्री स्कूलों में अतिआधुनिक ई-लाईब्रेरी, आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) का ज्ञान देने के लिए उपकरण, आधुनिक लैब व भविष्य में प्रयोग होने वाली तकनीकों के लिए रिसर्च आधारित मानव संसाधन तैयार करने की व्यवस्था की जा रही है। इन स्कूलों प्रथम चरण की शुरूआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 29 जुलाई को बजट जारी करने से की जाएगी। पीएमश्री स्कूलों में भिवानी के एकमात्र केंद्रीय विद्यालय संगठन पालुवास को भी शामिल किया गया है।

पीएमश्री स्कूल योजना के बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय विद्यालय संगठन पालुवास के प्राचार्य मोहिंद्र व जिला शिक्षा अधिकारी नरेश मेहता ने बताया कि अनुसंधान आधारित शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए पीएमश्री स्कूलों की स्थापना की जा रही है। इसके तहत 14 हजार 500 करोड़ रूपये खर्च किए जाएंगे। जिनमें से गुडग़ांव मंडल के तहत आने वाले 32 स्कूलों पर 103 करोड़ रूपये खर्च होंगे। इनमें भिवानी जिला में केंद्रीय विद्यालय संगठन पालुवास सहित कुल 8 स्कूलों को पीएमश्री स्कूलों में बदला जाएगा। इन स्कूलों की खासियत यह होगी कि पीएमश्री स्कूलों में छात्र-छात्राओं को आधुनिक शिक्षा देने के साथ ही आर्टीफिशयल इंटेलीजेंस का ज्ञान दिया जाएगा। इसके साथ ही ई-लाईब्रेरी की स्थापना व अति आधुनिक कक्षा कक्षों की स्थापना की जाएगी। भविष्य में प्रयोग होने वाली आधुनिक तकनीकों, ब्लॉक चैन, रिटेलिंग, कंप्यूटर शिक्षा व लर्निंग आऊटकम आधारित शिक्षा पर जोर रहेगा।

इससे भविष्य में प्रयोग होने वाले तकनीकों को छठी कक्षा से 12वीं कक्षा तक पढ़ाया जाएगा,ख्ताकि भारत को बेहतर मानव संसाधन समय की जरूरत के अनुसार मिल सकें, जो राष्ट्र निर्माण में अपना सहयोग करें। उन्होंने बताया कि पीएमश्री स्कूलों के लिए प्रदेश के 124 स्कूलों का चयन किया गया है। नई शिक्षा नीति 2020 के तहत स्कूल शिक्षा व साक्षरता विभाग द्वारा यह योजना सत्र 2022-2023 से 2027 तक पांच सालों में लागू की जाएगी। इनमें ना केवल केंद्रीय विद्यालय, बल्कि नवोदय विद्यालय तथा राज्यों के सरकारी स्कूल व निर्धारित योग्यता रखने वाले प्राईवेट स्कूलों को भी शामिल किया गया है। इस योजना के तहत 20 लाख छात्र-छात्राओं को भविष्य की शिक्षा देने कालक्ष्य रखा गया है।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें