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2419 करोड़ रुपए का किया निवेश : Ashwini Vaishnaw

October 10, 2023

2419 करोड़ रुपए का किया निवेश : Ashwini Vaishnaw
मुंबईः भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को कहा कि त्वरित उपचारात्मक कार्रवाई (पीसीए) प्रारूप के तहत सख्त निगरानी मानदंड अक्टूबर, 2024 से सरकारी स्वामित्व वाली गैर-बैकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) पर लागू हो जाएंगे। किसी वित्तीय इकाई को पीसीए प्रारूप के तहत रखे जाने पर उसके लाभांश वितरण/ मुनाफे को कहीं भेजने, प्रवर्तकों/ शेयरधारकों को इक्विटी में निवेश या बिक्री करने और समूह कंपनियों की ओर से गारंटी देने या अन्य आकस्मिक देनदारियां लेने पर बंदिशें लग जाती हैं।
रिजर्व बैंक ने 14 दिसंबर, 2021 को एनबीएफसी इकाइयों के लिए पीसीए प्रारूप जारी किया था। पहले निजी क्षेत्र की एनबीएफसी कंपनियों को ही इसके दायरे में रखा गया था लेकिन अब सार्वजनिक क्षेत्र की एनबीएफसी को भी इसके तहत लाने का फैसला किया गया है। आरबीआई ने एक परिपत्र में कहा, ‘‘प्रारूप की समीक्षा की गई है और एक अक्टूबर, 2024 से इसे सरकारी एनबीएफसी (छोटी कंपनियों को छोड़कर) तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
इसके लिए 31 मार्च, 2024 तक या उसके बाद के अंकेक्षित वित्तीय आंकड़ों को आधार बनाया जाएगा। कुछ प्रमुख सरकारी एनबीएफसी कंपनियों में पीएफसी, आरईसी, आईआरएफसी और आईएफसीआई शामिल हैं। पीसीए प्रारूप लागू करने का मकसद है कि किसी वित्तीय इकाई पर सही समय पर निगरानी से जुड़ा दखल दिया जा सके। इसमें संस्थाओं को अपनी वित्तीय सेहत दुरुस्त करने के लिए समय पर उपचारात्मक उपाय शुरू करने और लागू करने की जरूरत होती है।

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