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किसानों के दिल्ली कूच से पहले बॉर्डर सील, कई जिलों में मोबाइल इंटरनेट भी बंद, हरियाणा पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी की जारी

February 11, 2024

किसानों के दिल्ली कूच से पहले बॉर्डर सील, कई जिलों में मोबाइल इंटरनेट भी बंद, हरियाणा पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी की जारी

चंडीगढ़। किसानों के 13 फरवरी को प्रस्तावित ‘दिल्ली चलो’ अभियान से पहले हरियाणा के अधिकारियों ने अंबाला के पास शंभू में पंजाब के साथ लगती सीमा को सील कर दिया है। दिल्ली कूच की मुहिम को रोकने के लिए जींद और फतेहाबाद जिलों की सीमाओं पर भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। शांति भंग होने की आशंका के चलते हरियाणा सरकार ने सात जिलों- अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, हिसार, फतेहाबाद और सिरसा में 11 से 13 फरवरी तक मोबाइल इंटरनेट सेवाएं और एक साथ कई एसएमएस करने की सेवा को निलंबित कर दिया है। किसानों को राष्ट्रीय राजधानी की ओर जाने से रोकने की हरियाणा के अधिकारियों की कोशिशों के बीच केंद्र ने उन्हें 12 फरवरी को उनकी मांगों पर चर्चा के लिए एक और बैठक आयोजित करने के वास्ते आमंत्रित किया है। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा ने 13 फरवरी को 200 से अधिक किसान संघों द्वारा ‘दिल्ली चलो’ की घोषणा की थी, ताकि फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी के वास्ते कानून बनाने सहित कई मांगों को स्वीकार करने को लेकर केंद्र पर दबाव डाला जा सके।

शंभू सीमा पर घग्गर फ्लाईओवर पर सड़क यातायात के लिए बंद है और पुलिस ने सड़क पर सीमेंट के अवरोधक लगा दिए हैं। शंभू सीमा पर कंटीले तार, रेत की बोरियां, कंक्रीट ब्लॉक अवरोधक और अन्य सामान जमा कर लिया गया है। पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को कहा कि जींद में, हरियाणा-पंजाब सीमा के पास दो सड़कों को वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया है तथा दो और सड़कों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। फतेहाबाद जिले में, पुलिस ने पंजाब के प्रदर्शनकारियों को दिल्ली की ओर बढऩे से रोकने के लिए जाखल सड़क पर सीमेंट के अवरोधक और कील वाली पट्टियां भी लगा दी हैं। हरियाणा पुलिस ने शनिवार को यातायात परामर्श जारी कर यात्रियों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने को कहा। किसानों ने अंबाला-शंभू सीमा, खनौरी-जींद और डबवाली सीमा से दिल्ली जाने की योजना बनाई है।

अंबाला और कैथल जिलों ने निषेधाज्ञ लागू कर दी है, जिससे पांच या अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी गई है। पुलिस गांवों के सरपंचों और खाप पंचायतों के साथ भी बैठकें कर रही है और उन्हें मार्च में भाग न लेने के लिए कह रही है। एसकेएम (गैर-राजनीतिक) नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने किसानों को दिल्ली की ओर जाने से रोकने की व्यवस्था करने के लिए हरियाणा सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा, हम बातचीत के लिए तैयार हैं और बातचीत से कभी नहीं भागेंगे।

जिलेभर में धारा 144 लागू
प्रदेश के जाखल में दो दिन से रास्तों पर कंकरीट के ब्लॉक रख दिए गए थे तो वहीं रतिया क्षेत्र में मुख्य रास्तों पर नाकाबंदी कर एक तरह से रास्ते रोक दिए हैं। लोग अब पंजाब आने जाने के लिए गांवों के छोटे रास्तों का ही प्रयोग कर रहे हैं। वहीं फतेहाबाद क्षेत्र में भी हांसपुर सहित मुख्य जगहों पर नाकाबंदी शुरू कर दी है। जिलेभर में धारा 144 भी लागू कर दी गई है।

किसानों को रोकने के लिए पुलिस छावनी में तब्दील हुआ जाखल
किसानों द्वारा 13 फरवरी को एक बार फिर दिल्ली कूच करने के ऐलान को लेकर जिले में सीआरपीएफ की 3, एसएसबी, एचएपी की एक-एक कंपनियां बुला ली गई हैं, जो नाकाबंदी वाले जगहों पर भी गश्त करने लगी हैं। एसपी आस्था मोदी ने आज खुद जाखल क्षेत्र में सीमावर्ती इलाकों को चेक करने पहुंची। जाखल पूरी तरह से पुलिस छावनी में बदलता नजर आ रहा है। म्योंद चौकी के पास सीआरपीएफ को तैनात किया गया है, सीमेंटिड कंकरीट के ब्लॉक पहले से ही यहां रखवाए गए हैं। पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए नुकीले शस्त्र भी तैयार करवाए हैं। पुलिस का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे प्रबंध किए जा रहे हैं।

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