
नई दिल्ली: सड़क इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण (ईपीसी) कंपनियों की आय वृद्धि अगले वित्त वर्ष में नर्म होकर 5 से 7 प्रतिशत तक रहने की उम्मीद है। इसका कारण यह है कि राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के कम आवंटन से उनके ऑर्डर पर असर पड़ रहा है। रेटिंग एजैंसी क्रिसिल ने रिपोर्ट में यह बात कही। रिपोर्ट के अनुसार इन कंपनियों की साख स्थिर बनी रहेगी। इन कंपनियों की साख को स्थिर परिचालन लाभ और मजबूत बही-खाते का समर्थन प्राप्त है। क्रिसिल रेटिंग्स के वरिष्ठ निदेशक मनीष गुप्ता ने कहा कि चालू वित्त वर्ष और अगले वित्त वर्ष में राजस्व वृद्धि प्रभावित होगी, जबकि पिछले 5 साल में 13 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हुई है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रलय ने वित्त वर्ष 2021-22 और 2022-23 के बीच औसतन 12,500 किलोमीटर की परियोजनाएं आवंटित कीं, लेकिन पिछले वित्त वर्ष में यह घटकर 8,581 किलोमीटर और चालू वित्त वर्ष में यह 8,000 किलोमीटर रह गई।
मेष: दिन शुभ रहेगा...