
सहारनपुर: वर्ष 1952 में विलुप्त हुई सिंधली नदी को पुनर्जीवित करने की दिशा में सहारनपुर जिला प्रशासन ने काम शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कहा कि नदी का अस्तित्व 1952 तक था और उसके बाद इस नदी पर अवैध कब्जे हो गए और बड़े-बड़े मकान बना दिए गए। इसे पुनर्जीवित करने का काम शुरू किया जा रहा है। इसके लिए 5 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ है। नदी के ऊपर से सभी तरह का अतिक्रमण खत्म कराया जाएगा। नदी को पुनर्जीवित करने के प्रयास 3 माह पहले शुरू किए गए थे। नकुड़ की एसडीएम संगीता राघव इस नदी के स्थलों पर से अतिक्रमण को हटाने में लगी हुई हैं। कुछ किसान भी इस नदी की जमीन पर अवैध कब्जा कर खेती कर रहे हैं। गौरतलब है कि इससे पूर्व संभल में जिलाधिकारी रहने के दौरान मनीष बंसल ने वहां की 110 किलोमीटर लंबी शोध नदी को पुनर्जीवित करने का कार्य किया था। जिलाधिकारी ने भरोसा दिलाया कि सिंधली नदी शीघ्र ही अपने पुराने स्वरूप में दिखेगी।
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