Last Updated: October 24, 2026

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सूबे में स्वास्थ्य सेवाओं के कायाकल्प पर खर्च होंगे 1570 करोड़ : CM Sukhu

December 31, 2024

सूबे में स्वास्थ्य सेवाओं के कायाकल्प पर खर्च होंगे 1570 करोड़ : CM Sukhu

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र का कायाकल्प करने की दिशा में कार्य कर रही है। प्रदेश के लोगों के स्वास्थ्य लाभ के लिए अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों और मशीनरी की खरीद पर लगभग 1570 करोड़ रुपये की धन राशि व्यय की जाएगी। उन्होंने कहा कि बीमारी जांच और उपचार के लिए प्रतिवर्ष 9.50 लाख मरीज प्रदेश से बाहर जाते हैं, जिससे सकल घरेलू उत्पाद में 1350 करोड़ रुपये का नुकसान होता है। यह एक गम्भीर विषय है और वर्तमान प्रदेश सरकार मरीजों को सर्वसुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने और उनके बहुमूल्य धन और समय की बचत के लिए राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की अधोसंरचना को मजबूत करने पर प्राथमिकता से कार्य कर रही है।

सीएम सुक्खू ने कहा कि चिकित्सा महाविद्यालयों को न्यूरोलॉजी, ओन्कोलॉजी, ऑथोर्पैडिक्स और अन्य विभागों में रॉबोटिक सर्जरी की सुविधा के साथ स्तरोन्नत किया जा रहा है। इससे चिकित्सकों का कार्यभार कम होगा और उपचाराधीन मरीज भी लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी शिमला और टांडा मेडिकल कालेज में अत्याधुनिक पैट स्कैन और एमआरआई मशीनें स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है और इसे शीघ्र ही जनता को समर्पित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमीरपुर मेडिकल कालेज में 300 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त कैंसर केयर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसमें राज्य की पहली साइकलोट्रॉन मशीन के साथ रेडिएशन और न्यूक्लियर मेडिसिन थैरेपी की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इस केंद्र में कैंसर के मरीजों के लिए 150 बिस्तरों की सुविधा भी होगी।

मुख्यमंत्री ने इन अस्पतालों में स्पेशिएलिटी बैड व 69 स्वास्थ्य सुविधाओं के उन्नयन और सुदृढ़ीकरण के निर्देश दिए ताकि मरीजों को राज्य में गुणवत्तायुक्त उपचार सुविधा मिल सके। इससे सेकेंडरी केयर, आपातकालीन सेवाएं, उपकरण सुविधाएं व सुरक्षा मापदंड, अग्निशमन अधोसंरचना और आतंरिक गतिशीलता में सुधार सहित अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं भी सुदृढ़ होंगी। उन्होंने कहा कि उपचार सुविधाएं बढ़ाने के लिए क्षेत्रीय व जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में इन हाउस लैबोरेटरी स्थापित करने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। कार्य योजना के तहत जोनल और सिविल अस्पतालों में मॉडयूलर ऑपरेशन थियेटर स्थापित किए जाएंगे। प्रदेश सरकार के इन प्रयासों के फलस्वरूप मरीजों को उपचार के लिए प्रदेश से बाहर नहीं जाना पड़ेगा और राज्य में मेडिकल टूरिज्म को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

उन्होंने अधिकारियों को स्वास्थ्य सुविधाओं के स्तरोन्यन कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं के स्तरोन्यन के लिए पर्याप्त धन राशि उपलब्ध करवाई जा रही है और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त धनराशि भी मुहैया करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों को घर द्वार पर उच्च गुणत्तायुक्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलबध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनी राम शांडिल, विधायक संजय अवस्थी व अजय सोलंकी, स्वास्थ्य विभाग की सचिव एम.सुधा देवी, विशेष सचिव स्वास्थ्य डॉ. अश्वनी शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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