Last Updated: September 23, 2026

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Jharkhand में पत्थरबाजों के निशाने पर Train, RPF ने 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार

January 23, 2025

Jharkhand में पत्थरबाजों के निशाने पर Train, RPF ने 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार

रांची : Jharkhand से गुजरने वाली ट्रेनें पत्थरबाजों के निशाने पर हैं। पथराव की घटनाओं की वजह से कई बार यात्री चोटिल हो रहे हैं। राज्य के चक्रधरपुर रेल मंडल में रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स ने हावड़ा से टाटानगर आने वाली स्टील एक्सप्रेस ट्रेन पर 20 जनवरी की रात हुए पथराव के मामले में चार युवकों को गिरफ्तार कर गुरुवार को जेल भेजा है। गिरफ्तार किए गए युवकों में जादूगोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत कुलडीहा गांव निवासी सजल नाथ और दुड़कू गांव निवासी राहुल भकत, रोहित सिंह और आकाश कुट्टी शामिल हैं। इन लोगों ने पूछताछ में बताया है कि वे लोग राखा माइन्स के पास शराब पी रहे थे। इसी दौरान उन्होंने ट्रेन को गुजरते देखा तो शरारत में पथराव कर दिया। पत्थरबाजी की इस घटना में तीन बोगियों के शीशे बुरी तरह टूट गए थे। करीब दो किलोग्राम वजन का एक पत्थर बोगी के अंदर जा गिरा था। गनीमत यह रही थी कि कोई यात्री जख्मी नहीं हुआ था।

रांची जिले में सिल्ली रेलवे ब्रिज के पास रांची से गोरखपुर जाने वाली मौर्य एक्सप्रेस पर पथराव किया गया था

17 जनवरी को रांची जिले में सिल्ली रेलवे ब्रिज के पास रांची से गोरखपुर जाने वाली मौर्य एक्सप्रेस पर पथराव किया गया था। इस घटना में एस-टी बोगी में यात्र कर रही एक लड़की की गर्दन पर चोट आई थी। इसे लेकर यात्रियों ने हंगामा किया था। बाद में आरपीएफ ने मामले में पिंटू मूडी नामक आरोपी को सिल्ली से गिरफ्तार किया था। इसी महीने झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में घाटशिला सेक्शन पर कुछ ट्रेनों में पथराव की घटनाएं हुई थीं। दिसंबर 2024 में जमशेदपुर आदित्यपुर स्टेशन के समीप वंदे भारत एक्सप्रेस पर बदमाशों ने पत्थरबाजी की थी। इस घटना में भी ट्रेन के एक कोच की खिड़की क्षतिग्रस्त हो गई थी। 27-28 अक्टूबर को ब्रह्मपुर-टाटानगर वंदे भारत एक्सप्रेस पर एक ही दिन में डंगुआपोसी, मलुका स्टेशन और जमशेदपुर के पास तीन बार पथराव की घटनाएं हुई थीं। टाटानगर-ब्रह्मपुर वंदे भारत ट्रेन का परिचालन 18 सितंबर, 2024 से शुरू हुआ था। पहले दिन ही खुर्दा स्टेशन के पास ट्रेन पर पथराव हुआ था।

पूछताछ में यह बात सामने आई है कि लोग शरारत में इस तरह की हरकतें करते हैं
टाटानगर-पटना वंदे भारत ट्रेन पर 3 अक्टूबर को कोडरमा के पास पत्थरबाजी हुई थी। यह घटना कोडरमा से लगभग 4 किलोमीटर दूर सरमाटार और यदुडीह स्टेशनों के बीच हुई थी। इस हमले में कोच सी-2, सीट 43-45 और कोच सी-5, सीट 63-64 की खिड़कियां टूट गई थीं। 6 अक्टूबर को झारखंड के चाईबासा जिले के सोनुआ रेलवे स्टेशन के पास असामाजिक तत्वों ने रेलवे ट्रैक के जॉइंट पॉइंट में बड़ा पत्थर फंसा दिया था। इस कारण बड़ा हादसा होते-होते बचा था। ट्रैक पर रेलवे की पेट्रोलिंग टीम ने पत्थर को देखा तो उसे समय रहते हटाया था। जिस वक्त इस टीम को ट्रैक पर पत्थर होने की जानकारी मिली, उस वक्त शालीमार कुर्ला एक्सप्रेस अप लाइन पर आने वाली थी। सूचना मिलने के बाद अप और डाउन पर ट्रेनों के परिचालन को 20 मिनट के लिए रोक दिया गया था। 4 सितंबर को रांची से पटना जाने वाली वंदे भारत ट्रेन पर हजारीबाग के चरही एवं बेस रेलवे स्टेशन के बीच में पथराव हुआ था, जिससे बोगी नंबर ई-1 वन की सीट नंबर 5 और 6 के पास का ग्लास पूरी तरह टूट गया था। चक्रधरपुर रेल मंडल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पथराव की ज्यादातर घटनाओं की जांच और पूछताछ में यह बात सामने आई है कि लोग शरारत में इस तरह की हरकतें करते हैं। जिन क्षेत्रों में इस तरह की घटनाएं लगातार होती हैं, वहां पेट्रोलिंग बढ़ाई जा रही है। लोगों को जागरूक करने के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है।

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