
नई दिल्ली: प्रौद्योगिकी कंपनी सीमेंस एजी के प्रबंध बोर्ड के सदस्य और स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) मैथियास रेबेलियस ने कहा कि सीमेंस ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत देश में अपनी कारखाना क्षमता बढ़ाने की कोशिश कर रही है, ताकि स्थानीय और वैश्विक, दोनों तरह की मांग को पूरा किया जा सके।
ग्रेटर नोएडा में आईईईएमए द्वारा आयोजित ‘इलेक्रामा-2025’ कार्यक्रम में अपने संबोधन में रेबेलियस ने कहा कि वैश्विक कंपनी बिजली उत्पादन, पारेषण, वितरण और रेल परिवहन के लिए स्थानीय और वैश्विक, दोनों तरह की जरूरतों को पूरा करना चाहती है। उन्होंने कहा कि सीमेंस ने 2015 से अब तक 9,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करके भारत के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता दिखाई है। कंपनी ने नवंबर, 2023 में 1,100 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश की घोषणा की थी।
रेबेलियस ने कहा, हमारा लक्षय़ मेक इन इंडिया पहल के तहत अपनी संयंत्र क्षमताओं को बढ़ाना है, जिससे बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण और रेल परिवहन के लिए स्थानीय और वैश्विक, दोनों जरूरतों को पूरा किया जा सके।अधिकारी ने कहा कि भारत में 34,000 से अधिक कर्मचारियों और 32 कारखानों के साथ सीमेंस देश के महत्वाकांक्षी आíथक लक्षय़ों और नवाचार के महाशक्ति के रूप में अपनी भूमिका को पहचानता है।
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