बिलासपुर(सुभाष ठाकुर): बिलासपुर जिले में मौसम की अनिश्चितता के चलते गेहूं की फसल में पीला रतुआ (येलो रस्ट) रोग फैलने की आशंका बढ़ गई है। इसे देखते हुए कृषि विभाग ने अलर्ट जारी किया है और किसानों से एहतियात बरतने की अपील की है। विभाग ने फसल को बचाने के लिए प्रॉपीकोनाजोल नामक कवकनाशी दवाई के छिड़काव की सलाह दी है।
यह दवाई सभी सर्किल व ब्लॉकों में उपलब्ध करा दी गई है, जिसे 50 प्रतिशत सब्सिडी पर किसानों को दिया जाएगा।इस बार सूखे की स्थिति के कारण गेहूं उत्पादन प्रभावित होने की संभावना है। कृषि उपनिदेशक डॉ. राजेश कुमार गुलेरिया ने बताया कि जिले में अब तक 10 प्रतिशत तक फसल को नुकसान हुआ है। अगर आगे भी पर्याप्त बारिश नहीं होती है, तो 4,000 मीट्रिक टन तक उत्पादन का नुकसान हो सकता है।
हालांकि, विभाग को उम्मीद है कि यदि बारिश जारी रही, तो यह क्षति कम की जा सकती है।पीला रतुआ रोग गेहूं की फसल में दिसंबर से मार्च के बीच फैलता है और ठंडी व नमी वाली परिस्थितियों में अधिक प्रभावी होता है। इसकी पहचान पत्तियों पर हल्दी जैसे पीले चूर्ण से होती है, जो रोग बढ़ने पर जमीन पर भी गिर सकता है।
यदि यह रोग कल्ले निकलने के समय आ जाए, तो फसल को भारी क्षति पहुंच सकती है।कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि अगर उनके खेतों में इस रोग के लक्षण दिखें, तो तुरंत प्रॉपीकोनाजोल 25 ईसी का 0.1% घोल तैयार कर छिड़काव करें ओरविभाग से संपर्क करें, ताकि नुकसान को कम किया जा सके।