Last Updated: October 8, 2026

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अमेरिकी सेना से हटाए जाएंगे ट्रांसजेंडर सैनिक, 30 दिन की समयसीमा हुई तय

February 28, 2025

अमेरिकी सेना से हटाए जाएंगे ट्रांसजेंडर सैनिक, 30 दिन की समयसीमा हुई तय

Transgender Soldiers : पेंटागन ने सेना को जेंडर डिस्फोरिया से पीड़ित या इलाज करा रहे सदस्यों की पहचान करने के लिए 26 मार्च तक प्रक्रियाएं पूरी करने का निर्देश दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस संबंध में एक महीने पहले आदेश दिया था। एक बार पहचान हो जाने पर सेना के पास उन्हें सेवा से हटाने के लिए 30 दिन का समय होगा।इस संबंध में गुरुवार को रक्षा विभाग ने एक ज्ञापन में सेना को 26 मार्च तक लिंग डिस्फोरिया से पीड़ित या उपचार प्राप्त करने वाले सेवा सदस्यों की पहचान करने के लिए प्रक्रियाएं पूरी करने का निर्देश जारी किया।

यह आदेश राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा अपने कार्यकाल की शुरुआत में हस्ताक्षरित एक कार्यकारी निर्देश पर आधारित है, जिसमें ट्रांसजेंडर्स को सैन्य सेवा से प्रतिबंधित करने के लिए कदम बताए गए हैं। नीति को कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार सैकड़ों ट्रांसजेंडर सेवा सदस्यों की पहचान मेडिकल रिकॉर्ड के माध्यम से की जा सकती है – जो 2.1 मिलियन सक्रिय सैनिकों का एक छोटा सा हिस्सा है।

हालांकि, यह मुद्दा पेंटागन के लिए एक प्रमुख फोकस बन गया है, क्योंकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा सचिव पीट हेगसेथ उन्हें हटाने के लिए दबाव डाल रहे हैं, कि उनकी चिकित्सा स्थिति सैन्य मानकों को पूरा नहीं करती है। रक्षा अवर सचिव कार्मिक के रूप में कार्यरत डेरिन सेलनिक ने नए ज्ञापन में कहा, कि ‘जिन व्यक्तियों का वर्तमान में लिंग डिस्फोरिया का निदान या इतिहास है या जो इसके अनुरूप लक्षण प्रदर्शति करते हैं, उन पर चिकित्सा, शल्य चिकित्सा और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी प्रतिबंध सैन्य सेवा के लिए आवश्यक उच्च मानसिक और शारीरिक मानकों के साथ असंगत हैं।‘

इसमें दावा किया गया कि सैन्य सेवा में जोखिम बहुत है और इस सर्विस में ट्रांसजेंडर कर्मियाें से अपेक्षा ‘असंगत‘ है, जो काम के दौरान परिवर्तन के उस दौर से गुजरते हैं जो उनके लिए ठीक नहीं है। यह एक आदेश बताता है कि लिंग ‘अपरिवर्तनीय है, किसी व्यक्ति के जीवन के दौरान अपरिवर्तित है।‘ ट्रंप के कार्यकारी आदेश को चुनौती देने वाले छह ट्रांसजेंडर सेवा सदस्यों का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों ने अदालती दस्तावेजों में तर्क दिया कि यह निर्देश ट्रांसजेंडर्स के प्रति ‘शत्रुता‘ दिखाता है, उन्हें ‘असमान और अनावश्यक‘ मानता है और साथी सेवा सदस्यों और जनता की नजर में उनकी गरिमा को कम करता है।

मानवाधिकार अभियान में कानूनी मामलों की उपाध्यक्ष सारा वारबेलो ने कहा कि यह नीति सेवा सदस्यों को मुश्किल स्थिति में डालती है, जिससे ट्रांसजेंडर सैनिकों पर दबाव पड़ता है। वारबेलो ने कहा, कि ‘अचानक, आपको अपनी पहचान को उजागर करने की आवश्यकता होगी। अन्य लोगों को बताना जरूरी हो जाएगा।‘ ‘यदि सेना में आपका कोई सबसे अच्छा दोस्त है जो जानता है कि आप ट्रांसजेंडर हैं, तो इस नए दिशानिर्देश के तहत यदि आप एक महिला ट्रांसजेंडर हैं तो आपको सर कहना शुरू करना होगा।‘

वारबेलो ने कहा कि सैनिकों को ‘अपने दोस्तों की सुरक्षा और सीधे आदेशों का उल्लंघन करने के बीच‘ में से एक को चुनना होगा। ट्रांसजेंडर को अपनी पहचान को लेकर दबाव महसूस हो सकता है, क्योंकि उन्हें पता है कि आगे न आने पर उन्हें दंडित किया जा सकता है। अमेरिकी अधिकारियों ने गुरुवार को अनुमान लगाया कि नौसेना में लगभग 600 ट्रांसजेंडर कर्मियाें और सेना में 300 से 500 के बीच की पहचान मेडिकल रिकॉर्ड के माध्यम से की जा सकती है।

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