
चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर शुरू की गई नशा विरोधी मुहिम ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ के दौरान पंजाब पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने जेल सुपरिंटेंडेंट समेत पांच जेल अधिकारियों और होशियारपुर सेंट्रल जेल के दो कैदियों के खिलाफ नशा तस्करी और आपराधिक साजिश के आरोप में एफआईआर दर्ज की है।
यह घटनाक्रम पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) जेल से प्राप्त रिपोर्ट के बाद सामने आया है, जिसमें खुलासा किया गया है कि कुछ जेल अधिकारी कैदियों के साथ मिलकर होशियारपुर सेंट्रल जेल में बंद नशा तस्कर को नशा तस्करी में मदद कर रहे हैं।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) एएनटीएफ नीलाभ किशोर ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जेल के भीतर संगठित मादक पदार्थ तस्करी अभियान की जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है।
उन्होंने कहा कि जांच से पता चला है कि कैदी मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त थे, जिसे जेल अधिकारियों के भ्रष्ट कार्यों से बढ़ावा मिला, जिन पर अपने पदों का दुरुपयोग कर अवैध मादक पदार्थों के प्रवाह की अनुमति देने का आरोप है, जिससे सुधार गृह की सुरक्षा और अखंडता को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा है।
एडीजीपी ने बताया कि एसएएस नगर के पुलिस स्टेशन एएनटीएफ में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21, 22, 29 और 59(2) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि शनिवार सुबह एक साथ 10 अलग-अलग जगहों पर तलाशी ली गई। उन्होंने बताया कि आगे की जांच जारी है और तस्करी के गठजोड़ की पूरी हद तक जांच जारी रहने के कारण और गिरफ्तारियां और कार्रवाई की उम्मीद है।
इस बीच, मामले की विस्तृत जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।
मेष: दिन शुभ रहेगा...