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हेमवती नंदन बहुगुणा ने संघर्षों से प्रशस्त किया था अपना मार्ग : CM योगी

March 17, 2025

हेमवती नंदन बहुगुणा ने संघर्षों से प्रशस्त किया था अपना मार्ग : CM योगी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा की पुण्यतिथि पर योजना भवन में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। सीएम योगी ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पति की। इस दौरान उन्होंने कहा कि स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी होने के साथ-साथ देश के वरिष्ठ राजनेता थे। उन्होंने अपना मार्ग संघर्षों से प्रशस्त किया था। अपने लंबे राजनीतिक करियर के दौरान सार्वजनिक जीवन की शुचिता व पारदर्शिता के साथ-साथ लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी अगाध निष्ठा थी।

सीएम योगी ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उत्तर प्रदेश को विकास के पथ पर अग्रसर करने के लिए बहुगुणा जी ने जो संकल्प और जो कार्ययोजना 1973 से 1975 के बीच तय की थी, वह आज भी हम सभी के लिए मार्गदर्शक का कार्य करती है। केंद्रीय मंत्री के रूप में भी उन्हें अलग-अलग दायित्वों के निर्वहन का अवसर प्राप्त हुआ था। प्रयागराज उनकी कर्म साधना की स्थली के साथ-साथ देश के स्वाधीनता आंदोलन की लौ को प्रखरता के साथ आगे बढ़ाने के लिए उनकी संघर्ष स्थली के रूप में भी जाना जाता है। 17 मार्च 1989 को अपनी नश्वर देह को विसजर्ति करते हुए वह हमारे बीच में नहीं रहे, लेकिन उनकी स्मृतियां आज भी सामाजिक जीवन से जुड़े अलग-अलग पक्षों को नई दिशा प्रदान कर रही हैं।

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा की पावन पुण्यतिथि पर उनकी स्मृतियों को नमन करते हुए प्रदेश सरकार, उत्तर प्रदेश वासियों की तरफ से विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हेमवती नंदन बहुगुणा को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, ’उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा जी की पुण्यतिथि के अवसर पर आज लखनऊ में उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पति कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। वे महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी होने के साथ देश के एक वरिष्ठ राजनेता थे, जिन्होंने संघर्षों से अपना मार्ग प्रशस्त किया था। लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी अपार निष्ठा थी। उत्तर प्रदेश को विकास के पथ पर अग्रसर करने के लिए उन्होंने जो संकल्प और कार्य योजना तय की थी, वे आज भी हम सभी के लिए एक मार्गदर्शक हैं। उनकी पावन स्मृतियों को नमन।’

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