
नूरपुर: आज 14वीं बटालियन एनडीआरएफ, जसूर के परिसर में नूरपुर वन प्रभाग के सहयोग से एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में वन संरक्षक, धर्मशाला बसु कौशल, प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) नूरपुर अमति शर्मा, डीएफओ (मुख्यालय) राहुल शर्मा, सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) नूरपुर निशांत पराशर, रेंज वन अधिकारी (आरएफओ) और वन विभाग का फील्ड स्टाफ उपिस्थति रहा। एनडीआरएफ का प्रतिनिधित्व कमांडेंट रजनीश शर्मा, उप कमांडेंट, सहायक कमांडेंट, निरीक्षक और अन्य संबंधित कर्मचारी कर रहे थे। बैठक में विशेष विशेषज्ञ आमंत्रित के रूप में सेवानिवृत्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. जीएस गोराया की मेजबानी करने का सम्मान था।
सत्र की शुरु आत वन विभाग द्वारा जंगल की आग से निपटने के लिए उनकी तैयारियों और शमन रणनीतियों पर एक संक्षिप्त प्रस्तुति के साथ हुई। इसके बाद राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रि या बल (एनडीआरएफ) की भूमिका और अधिदेश और जंगल की आग के बढ़ते खतरे से निपटने में दोनों एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने के तरीकों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस बैठक को भविष्य में प्रभावी वन अग्नि प्रबंधन के लिए वन विभाग और एनडीआरएफ के बीच एक मजबूत तालमेल और सहयोगी ढांचे के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। कई विशेषज्ञों ने रणनीतिक और तकनीकी इनपुट प्रदान करते हुए बहुमूल्य अंतर्दृष्टि साझा की।
बैठक में दोनों विभागों के लगभग 50 अधिकारियों और कर्मचारियों की भौतिक उपिस्थति देखी गई, जबकि स्लाप्पर, नालागढ़ और रामपुर में स्थित 14वीं बटालियन एनडीआरएफ के क्षेत्नीय प्रतिक्रि या केंद्रों (आरआरसी) या अस्थायी स्थानों (टीपीएल) से लगभग 200 प्रतिभागी ऑनलाइन मोड के माध्यम से शामिल हुए। यह सहयोगी प्रयास आपदा तैयारी और वन संरक्षण के क्षेत्न में भविष्य की व्यस्तताओं और संयुक्त कार्यों के लिए सकारात्मक माहौल तैयार करता है।
मेष: दिन शुभ रहेगा...