
चरखी दादरी में कई जगह आग लगने से किसानों और पशुपालकों को भरी नुकसान उठाना पड़ा है। अलग–अलग गांव में आग लगने से कहीं गेहूं तो कही ईख की फसल आग की चपेट में आ गई। और किसी स्थान पर पशुबाड़े में आग लगने से वहां मौजूद मवेशी आग में जल कर राख हो गए। ग्रामवासियों को हादसे में भरी नुकसान झेलना पड़ा है। जिसके लिए प्रशासन से अपील कर मुआवजे की मांग की गई है।
दादरी के गांव रानीला, बिलावल, भंडवा और रामबास गांव में एक ही दिन आग लगने से काफी परेशानियां आ खड़ी हुई। किसानों की फसल और पशुपालकों को पशुओं के जल जाने से भरी नुकसान हुआ है। हादसे के दिन दमकल विभाग में भी पूरे दिन भगदड़ मची रही। दमकल की गाड़ियां ने इधर–उधर भागकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया लेकिन तब तक सब जल चुका था। हादसे में कई एकड़ में खड़ी फसल आग की चपेट में आ गई थी।
गांव भंडवा, रानीला और रामबास में गेहूं और ईख की फसल जलने की खबर सामने आई है। जहां फसल की काटकर खेत में छोड़ा था। लेकिन अज्ञात कारणों से आग लग जाने के कारण फसल रख हो गई। ग्रामीणों ने आग की लपटें देख आग पर काबू पाने की कोशिश की लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। जिसके बाद डायल 112 और दमकल विभाग को सूचना दी।
गांव रानीला में तो पास के खेतों में खड़ी ईख की फसल तक आग पहुंच गईं। पहले आग गेहूं के फसल में लगी थी। जो फैलते हुए ईख की फसल तक जा पहुंची। सूचना मिलने के बाद जब तक फायर ब्रिगेड पहुंचती, आग में जलकर फसल राख हो चुकी थी।
वहीं गांव बिलावल में फूस के छप्पर में आग लगने से मवेशी जल गए। पशुबाड़े में मौजूद मवेशियों में 5 गाय और भैंसे थी। जिनमें से 2 की मौत हो गई, अन्य बुरी तरह झुलस गए। अज्ञात कारणों से लगी आग की लपटें देख कर लोगों ने आग को शांत करने का प्रयास किया। लेकिन आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था। जिसके बाद डायल 112 पर सूचना दी गई।
पशुपालक जगमाल इन पशुओं से ही परिवार का पालन–पोषण करता था। सरपंच प्रतिनिधि अनिल कुमार ने बताया कि आग लगने के कारण स्पष्ट नहीं है। लेकिन आग लगने से जगमाल को भरी नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन तब तक आग फैल चुकी थी। जिसमें 2 पशु की मौत हो गई। अन्य झुलस गए है। गांव में आग लगने से ग्रामीणों को काफी परेशानियां उठानी पड़ रही है।
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