
ढाका: बांग्लादेश के हबीगंज जिले के नौगांव गांव में शनिवार को बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और अवामी लीग के कार्यकर्ताओं के बीच वर्चस्व को लेकर भीषण झड़प हुई। इस हिंसक संघर्ष में 50 से अधिक लोग घायल हो गए, जिनमें से पांच की हालत नाजुक बताई जा रही है। घायलों का इलाज सिलहट उस्मानी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जारी है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, क्षेत्र में लंबे समय से बीएनपी नेता अख्तर मियां और अवामी लीग के शाहजहां मियां के बीच वर्चस्व को लेकर तनाव व्याप्त था। शुक्रवार को यह तनाव हिंसा में तब्दील हो गया। चश्मदीदों ने बताया कि दोनों दलों के समर्थक लाठी, हथियार और ईंट-पत्थर लेकर एक-दूसरे पर टूट पड़े। दो घंटे तक चले इस संघर्ष में गांव का माहौल दहशत भरा हो गया।
-पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात पर पाया काबू
अजमेरीगंज थाने के प्रभारी अधिकारी एबीएम मैदुल हसन ने घटना की पुष्टि की और बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात को काबू में लिया। फिलहाल इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि और किसी प्रकार की अशांति को रोका जा सके।
बता दें कि शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार के पिछले साल अगस्त में हटने के बाद देश में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ गई है। लगातार बीएनपी और अवामी लीग समर्थकों के बीच टकराव की घटनाएं सामने आ रही हैं।
-50 से अधिक लोग हुए घायल
पिछले महीने नरसिंगडी जिले के रायपुरा उपजिला में भी वर्चस्व को लेकर हुए संघर्ष में दो लोगों की मौत हो गई थी और 10 अन्य घायल हुए थे। फरवरी में फरीदपुर के कनाईपुर यूनियन में इसी तरह की झड़प के दौरान 30 से अधिक घरों में तोड़फोड़ की गई थी। इसके अलावा, अवामी लीग के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि अंतरिम सरकार के तहत उन पर राजनीतिक दमन किया जा रहा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल ही में देशभर में हसीना समर्थक 55 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि अगस्त 2024 के बाद से अवामी लीग के कम से कम 20 नेताओं और उनके परिजनों के शव विभिन्न हिस्सों से बरामद किए गए हैं। बांग्लादेश में बढ़ती राजनीतिक हिंसा ने देश की स्थिरता और आम नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए है।
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