नेशनल डेस्क: भारत सरकार पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद एक्शन मोड में है और देश में तथा बाहर हो रही हर गतिविधि पर कड़ी नजर रख रही है। इसी दौरान, भारत सरकार ने बीबीसी की रिपोर्टिंग पर कड़ी आपत्ति जताई है। बीबीसी ने ‘पाकिस्तान ने कश्मीर में हुए घातक हमले के बाद भारतीयों के लिए वीजा किया निलंबित’ शीर्षक से एक आर्टिकल छापा था, जिसमें इस हमले को ‘मिलिटेंट अटैक’ (विद्रोही हमला) कहा गया था। इस पर सरकार ने बीबीसी के भारत प्रमुख जैकी मार्टिन को एक पत्र भेजा और उनकी रिपोर्टिंग को पक्षपाती (biased) बताया।
बीबीसी की रिपोर्टिंग पर कड़ी प्रतिक्रिया
भारत सरकार ने बीबीसी को भेजे पत्र में कहा कि बीबीसी की रिपोर्टिंग पक्षपाती है और इससे देशवासियों की भावनाएं आहत हो रही हैं। साथ ही, सरकार ने यह भी कहा कि विदेश मंत्रालय आगे भी बीबीसी की रिपोर्टिंग पर नजर रखेगा।
सरकार ने दी जानकारी
भारतीय विदेश मंत्रालय के विदेश प्रचार और सार्वजनिक कूटनीति प्रभाग ने जैकी मार्टिन को इस पत्र में बताया कि भारत की जनता की भावनाओं के खिलाफ ऐसी रिपोर्टिंग करना ठीक नहीं है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार देशवासियों के पक्ष में खड़ी है और इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाएगी।
बीबीसी की रिपोर्ट में क्या था?
पिछले हफ्ते बीबीसी ने लिखा था कि कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमले में 26 पर्यटकों की मौत के बाद पाकिस्तान ने भारत को जवाबी कार्रवाई की और ‘जैसे को तैसा’ वाली भाषा में प्रतिक्रिया दी। यह रिपोर्टिंग भारत सरकार और नागरिकों को गलत लग रही है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब कुछ दिन पहले ही अमेरिकी सीनेट पैनल ने न्यूयॉर्क टाइम्स की आलोचना की थी क्योंकि उसने पहलगाम हमले के आतंकवादियों को ‘मिलिटेंट’ (विद्रोही) कहा था।
आतंकवादी हमले में 26 पर्यटकों की मौत
पहलगाम आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मौत हो गई थी। इसके बाद से देशभर में गुस्सा है और लोग लगातार मांग कर रहे हैं कि भारत सरकार पाकिस्तान को कड़ा संदेश दे, ताकि पाकिस्तान आतंकवादियों को शह देने की हिम्मत न करे। हालांकि, पाकिस्तान अब तक इस हमले में अपने किसी भी संलिप्तता को नकार रहा है, लेकिन भारत का कहना है कि पाकिस्तान सच छुपा रहा है और इस हमले में शामिल आतंकवादी पाकिस्तान से ही जुड़े थे।
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