
चंडीगढ़: नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो द्वारा अमृतसर में चल रहे नशीली दवाइयां की तस्करी के एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया है। इस केस की अभी और भी परतें खुल रही हैं, इसलिए गिरफ्तार किए गए अमित भंडारी को रविवार को स्पैशल मैजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। एनसीबी के अधिकारियों द्वारा जो दलीलें पेश की गई उसके आधार पर अमित भंडारी को फिर से तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। अमित भंडारी के भाई और पूरे मॉड्यूल के मास्टरमाइंड दीपक भंडारी की तलाश में छापामारी जारी है। अमित भंडारी की पूछताछ में कई और खुलासे हो रहे हैं। उसने अपनी पूछताछ में एक और डॉक्टर और प्राइवेट हॉस्पिटल का नाम लिया है।
इसके बाद 5 मई सोमवार को नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो रंजीत एवेन्यू अमृतसर में डॉक्टर प्रवीण कुमार की कोठी नंबर 61 बसंत एवेन्यू में पहुंची। डॉक्टर प्रवीण कुमार लाइफ केयर हॉस्पिटल का पार्टनर है और शिव शक्ति मैडीकल स्टोर रतन सिंह चौक का मालिक है। उसे पर भी ट्रामाडोल की गोलियों को लाइसैंस से अधिक खरीद करने और बेचने के अलावा स्टोर करने का आरोप है। अमित भंडारी ने नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो को बताया है कि उसने प्रवीण कुमार के मैडीकल स्टोर में भारी मात्ना में ट्रामाडोल सप्लाई की है। नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो की टीम द्वारा अस्पताल और मेडिकल स्टोर का रिकार्ड कब्जे में लिया गया है।
दीपक भंडारी की तरह डॉक्टर प्रवीण कुमार को भी पहले से ही पता चल चुका था कि एनसीबी की टीम उसे गिरफ्तार कर सकती है। इसलिए वह भी छापामारी से पहले ही भूमिगत हो गया है। इस पूरे मामले में मास्टरमाइंड दीपक भंडारी अभी तक फरार चल रहा है। उसने सोमवार को एक वीडियो फेसबुक पर डालकर अपनी सफाई पेश करते हुए खुद को बेकसूर बताया है। अमृतसर के ड्रग इंस्पेक्टर सुखदीप सिंह पर सारा नजला फैंकते हुए कहा है कि उसे सुखदीप सिंह द्वारा फंसाया जा रहा है। दूसरी तरफ सुखदीप सिंह भी इस मामले में खुलकर सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा उनकी ड्यूटी नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो के साथ लगाई गई थी। जो भी जांच की गई है वह सच्चाई और ईमानदारी के आधार पर की गई है।
इसके बाद ही नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो द्वारा दीपक भंडारी उसके भाई अमित भंडारी और दोनों की पत्नियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि उन पर एक डीएसपी को 50,000 रुपए की रिश्वत देने के जो आरोप दीपक भंडारी द्वारा लगाए गए हैं, उसकी जांच सीबीआई द्वारा की जा चुकी है और यह आरोप भी झूठे हैं। कॉरपोरेट हॉस्पिटल के मालिक डॉक्टर जितेंद्र मल्होत्ना और लाइफ केयर हॉस्पिटल के डॉक्टर राकेश कुमार की गिरफ्तारी इस केस में हो चुकी है। दोनों को जेल भेजा जा चुका है। अमित भंडारी अभी भी नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो के पास रिमांड पर है।
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