पटियाला: पंजाब के सेहत मंत्री डा. बलबीर सिंह ने आज जिला प्रशासन को हिदायत की है कि टिप्पर और स्कूल बसों द्वारा स्पीड लिमिट का उल्लंघन करने पर जीरो टाॉलरैंस की नीति सख्ती से अपनाई जाएं। बीते दिन समाना के स्कूली बच्चों की भयानक सड़क हादसो में मौत का गंभीर नोटिस लेती सेहत मंत्री ने डिप्टी कमिश्नर डा. प्रीति यादव, एस.पी. वैभव चौधरी, आर.टी.ए. नमन मारकन समूह एस.डी. एम्ज और डी.एस.पी. ट्रैफिक समेत और अन्य संबंधित विभागों के साथ सड़क सुरक्षा बारे एक अहम बैठक की। मीटिंग दौरान छोटे-छोटे बच्चों की मौत का शोक मनाते हुए दो मिनट का मौन रखकर उनको श्रद्धांजलि दी गई।
डा. बलबीर सिंह ने मीटिंग दौरान स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार वचनबद्ध है कि स्कूल वाहन सुरक्षा मापदंडों से कोई समझौता नहीं किया जा सकता, इसलिए टिप्पर की स्पीड सड़कों पर चलने समय 60 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके बिना हरेक टिप्पर में स्पीड गवर्नर लगा हो और स्कूली बसें की तरफ से भी सेफ स्कूल वाहन नीति मुताबिक एक निर्धारित मापदंडों को पूरा किया जाना यकीनी बनाया जाएं। सेहत मंत्री ने जिला प्रशासन और पुलिस को हिदायत की कि यह भी यकीनी बनाया जाएं कि प्रात:काल स्कूल लगने समय और दोपहर स्कूलों की छुट्टी के समय दौरान सड़कों पर टिप्पर न चलने और यदि कोई उल्लंघन करता पाया जाता है तो उस विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएं।
उन्होंने कहा कि यदि इन आदेशों का उल्लंघन करने के लिए किसी अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभुगत सामने आई तो सरकार उसको भी नहीं क्षमा करेगी। उन्होंने ट्रैफिक पुलिस, ट्रांसपोर्ट और सेहत विभाग को हिदायत की कि सभी टिप्पर और ट्रक ड्राइवरों समेत स्कूली बसों के चालकों की फिटनेस जांच, डोप टैस्ट और आंखों की नजर जांच समेत इन को यातायात नियमों की प्रशिक्षण करवानी भी यकीनी बनाई जाएं। डा. बलबीर सिंह ने कहा कि बीते दिन हुआ हादसा असहय है, इसलिए समूह अधिकारी इस बात की शपथ ली कि वह सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने राजिन्दरा अस्पताल आगे और सड़कें पर बने ढाबों के देर रात समय तक खुले रखने का भी गंभीर नोटिस लेती जिला पुलिस को निर्देश दिए कि ऐसे ढाबों का समय सिर बंद करना यकीनी बनाया जाएं। सेहत मंत्री ने आगे कहा कि शहर में और लंबे रूट की सड़कों पर स्पीड टेबल बनने पर स्पीड लिमिट के बोर्ड जगह- जगह लगाए जाएं।
उन्होंने आर.टी.ए. को हिदायत की कि स्कूली बसें और अन्य वाहनों, जिनमें स्कूली बच्चे जाते हैं समेत टिप्परें और ट्रकों की यातायात को स़ख्ती के साथ चैकिंग करके हादसों का कारण बनने वाले चालकों विरुद्ध स़ख्ती इस्तेमाल की जाएं। उन्होंने शहर में स्कूलों आस पास ट्रैफिक को नियमत करन के लिए इन स्कूलों की छुट्टी का समय आपस में बदलकर निर्धारित करने की भी हिदायत की। डीसी डा. प्रीति यादव ने बताया कि जिलो में ऐसे हादसे फिर न घटने संबंधी संबंधित विभागों के समूह आधिकारियों को सख्त हिदायतें जारी की गई हैं।
इसके अलावा जिला शिक्षा अफसर, जिला बाल सुरक्षा अफसर और जिला प्रोग्राम अफसर को हिदायत की गई है कि वह स्कूल प्रमुखों के साथ हर सब डिविजन में बैठकों करके स्कूल प्रबंधकों और माता-पिता द्वारा सेफ स्कूल वाहन नीति को सख्ती के साथ लागू करवाना यकीनी बनाएंगे। उन्होंने कहा कि जो माता-पिता ने प्राइवेट ट्रांसपोर्ट लगाई हुई है, उनके साथ भी मीटिंगों की जाएंगी। डीसी ने कहा कि स्कूलों और अस्पतालों के मामलो में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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