नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कृषि भवन, नई दिल्ली में कृषि क्षेत्र की प्रगति की समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। इस बैठक में कृषि क्षेत्र की विभिन्न फसलों की स्थिति, बुआई क्षेत्रफल में वृद्धि और किसानों के लाभ के लिए जरूरी सुधारों पर चर्चा की गई।
-चावल और गेहूं के अधिक भंडारण से संतुष्ट मंत्री
केंद्रीय मंत्री ने बैठक में चावल और गेहूं के भंडारण की स्थिति पर संतोष व्यक्त किया। देश में इन दोनों प्रमुख खाद्यान्नों का स्टॉक बफर मानक से कहीं अधिक है। चावल का वास्तविक स्टॉक 389.05 लाख मीट्रिक टन (एल.एम.टी.) है, जो बफर मानक 135.80 एल.एम.टी. से कहीं ज्यादा है। इसी तरह, गेहूं का स्टॉक भी 177.08 एल.एम.टी. तक पहुंच चुका है, जबकि बफर मानक 74.60 एल.एम.टी. था। इससे देश की खाद्यान्न सुरक्षा में मजबूती आई है।
-बुआई में हुई वृद्धि
मंत्री ने किसानों की कड़ी मेहनत को सराहा और बताया कि इस वर्ष धान की बुआई में 3.44 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है। 2024-25 में धान की बुआई 32.02 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 28.57 लाख हेक्टेयर था। दलहन की बुआई में भी 2.20 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मूंग और उड़द की बुआई में क्रमशः 1.70 लाख हेक्टेयर और 0.50 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है, जिससे खेती की उत्पादकता में वृद्धि की उम्मीदें हैं।

-चना, मसूर, उड़द और अरहर की खरीद पर ध्यान
बैठक में केंद्रीय मंत्री ने चना, मसूर, उड़द और अरहर की खरीद की प्रक्रिया को तेज करने की बात की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को उपज के भुगतान में कोई देरी नहीं होनी चाहिए और इसे जल्दी से जल्दी पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि किसानों को MSP पर खरीद के अधिकतम लाभ मिल सके।
-प्याज और आलू की बुआई में वृद्धि
इस वर्ष प्याज और आलू की बुआई में भी वृद्धि हुई है। प्याज का बुआई क्षेत्र 2023-24 के 9.76 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 12.58 लाख हेक्टेयर हो गया है। आलू की बुआई में भी 0.47 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई है। केंद्रीय मंत्री ने यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि इन फसलों की बुआई में कोई बाधा न आए और किसानों को अच्छे बाजार मूल्य का लाभ मिले।
-जलाशयों की बेहतर स्थिति
बैठक में यह भी बताया गया कि देश के जलाशयों की स्थिति पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर है। इस समय 161 जलाशयों में 117% जल संग्रहण हुआ है, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में ज्यादा है। यह कृषि क्षेत्र के लिए एक अच्छा संकेत है, क्योंकि पानी की उपलब्धता फसलों की वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण होती है।
-आगे की दिशा
शिवराज सिंह चौहान ने इस बैठक में किसानों के लिए फसल कटाई और बुआई के दौरान कोई भी अप्रत्याशित समस्याएं आने पर अधिकारियों को त्वरित समाधान देने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने कृषि क्षेत्र में और अधिक सुधार के लिए नीति-निर्माण और कार्यान्वयन की गति तेज करने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस समीक्षा बैठक में कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी, अतिरिक्त सचिव मनिंदर कौर द्विवेदी, और केंद्रीय कृषि आयुक्त पी.के. सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। केंद्रीय कृषि मंत्री की यह बैठक कृषि क्षेत्र में हो रही प्रगति को लेकर आशावादी रुख को दर्शाती है और किसानों के कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को एक बार फिर से स्पष्ट करती है।
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