नेशनल डेस्क: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव को लेकर केंद्र सरकार की रणनीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि युद्ध विराम की घोषणा से पहले सरकार को सभी दलों की बैठक (सर्वदलीय बैठक) बुलानी चाहिए थी।
मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, “जब भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम (सीज़फायर) की घोषणा हो चुकी है, और डीजीएमओ की बैठक हो रही है, तो इससे पहले सर्वदलीय बैठक और संसद सत्र बुलाना जरूरी था। यह बहुत गंभीर मामला है।”
ऑपरेशन सिंदूर पर सेना का बयान
सिद्धारमैया की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को लेकर रविवार को संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें सेना, नौसेना और वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए हैं। पाकिस्तान के अंदर 11 एयरबेस पर हमला किया गया, जिससे उनकी सैन्य ताकत को भारी नुकसान हुआ। यह हमला बहुत संयम और रणनीति से किया गया, ताकि नागरिकों को कोई नुकसान न पहुंचे। सेना ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा, “अगर अब उन्होंने कोई हरकत की, तो उन्हें पता है भारत क्या कर सकता है।”
पाकिस्तानी नागरिकों की वापसी पर सफाई
कर्नाटक में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को लेकर भी सिद्धारमैया ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मैसूर में केवल तीन छोटे बच्चे (6 साल से कम उम्र) बचे हैं। बाकी सभी पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि इन बच्चों के माता-पिता में से पिता पाकिस्तानी हैं और मां भारतीय। वे अपने बच्चों को वापस लेकर सीमा पर गए, लेकिन कोई उन्हें लेने नहीं आया, इसलिए वे वापस आ गए।
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