एंटरटेनमेंट डेस्क: मशहूर असमिया गायिका गायत्री हजारिका का शुक्रवार को गुवाहाटी स्थित नेमकेयर अस्पताल में निधन हो गया। वह 44 वर्ष की थीं और लंबे समय से कोलन कैंसर से पीड़ित थीं। गायत्री हजारिका अपने गाने “जोरा पाटे पाटे फागुन नामे” के लिए खासतौर पर जानी जाती थीं। इसके अलावा, उन्होंने “तुमी कुन बिरोही अनन्या”, “जंक नासिल बोनोट”, और “ज़ेउजी एक्सपोन” जैसे कई प्रसिद्ध असमिया गाने भी गाए।गायत्री हजारिका के निधन से असम समेत पूरे संगीत जगत में गहरा शोक है। उनके चाहने वालों और संगीत प्रेमियों ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दी है और दुख व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की श्रद्धांजलि
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी गायत्री हजारिका के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, “गायत्री हजारिका की आवाज़ और उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उनके निधन से असमिया संगीत को भारी क्षति हुई है। मैं उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।”
HCM Dr. @himantabiswa has expressed deep sorrow over the demise of renowned singer Smt. Gayatri Hazarika.
Her soulful voice and enduring contributions to Assamese music will always be remembered. HCM prayed for her eternal peace and extended heartfelt condolences to her bereaved… pic.twitter.com/1yGLb879gS
— Chief Minister Assam (@CMOfficeAssam) May 16, 2025
एमी बरुआ ने भी दी श्रद्धांजलि
असम की अभिनेत्री और फिल्म निर्माता एमी बरुआ ने भी गायत्री हजारिका के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “गायत्री हजारिका की आवाज और शालीनता ने असम को बहुत प्रभावित किया। उनका गाना ‘जोरा पाटे पाटे फागुन नामे’ मेरे जीवन में गूंजता रहेगा। उनका निधन हमारे लिए एक बड़ी हानि है। मैं उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करती हूं और उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त करती हूं। ओम शांति।” गायत्री हजारिका का निधन असमिया संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है, लेकिन उनकी मधुर आवाज हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगी।
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