Last Updated: October 3, 2026

Dainik Savera Times Logo

बांग्लादेशी सामानों के इंपोर्ट पर भारत ने लगाया बैन, चीन समर्थक बयान के बाद बड़ा एक्शन

May 18, 2025

बांग्लादेशी सामानों के इंपोर्ट पर भारत ने लगाया बैन, चीन समर्थक बयान के बाद बड़ा एक्शन

नेशनल डेस्क: भारत सरकार ने बांग्लादेश से भारत और विदेशों में जाने वाले कई उत्पादों पर बड़ा प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। यह कदम तब उठाया गया है जब बांग्लादेश लगातार भारत के निर्यात पर गैर-शुल्क (Non-Tariff) बाधाएं लगा रहा था, खासकर पूर्वोत्तर भारत के रास्ते। भारत ने साफ संदेश दिया है कि अब वह एकतरफा सहूलियतें नहीं देगा।

क्या है भारत सरकार का फैसला?
भारत के विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने शनिवार को एक अधिसूचना जारी कर बताया कि: अब असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम के रास्ते बांग्लादेश से भारत में आने वाले कई सामानों पर नए बंदरगाह प्रतिबंध लगाए जाएंगे। यह आदेश उत्तर बंगाल के चंगराबांधा और फुलबाड़ी सीमा बिंदुओं पर भी लागू होगा।

किन बांग्लादेशी उत्पादों पर लगा प्रतिबंध?
नए प्रतिबंधों में शामिल हैं:
-रेडीमेड कपड़े
-लकड़ी के फर्नीचर
-प्लास्टिक और PVC सामान
-जूस, कोल्ड ड्रिंक्स और कार्बोनेटेड पेय
-बेकरी आइटम, स्नैक्स, चिप्स और मिठाइयाँ
-सूती धागा आदि

रेडीमेड कपड़ों को केवल कोलकाता और न्हावा शेवा बंदरगाहों के रास्ते ही भारत में लाया जा सकेगा।

किन चीजों पर नहीं लगा प्रतिबंध?
भारत सरकार ने कुछ जरूरी चीजों को इस प्रतिबंध से बाहर रखा है, जैसे, मछली, एलपीजी गैस, खाद्य तेल, कुचला हुआ पत्थर और नेपाल और भूटान के लिए बांग्लादेश का निर्यात (भारत के रास्ते)।

क्यों लिया गया यह फैसला?
भारत ने पहले बिना किसी रुकावट के बांग्लादेश को पूर्वोत्तर के रास्ते सामान भेजने की अनुमति दी थी, लेकिन बदले में बांग्लादेश ने भारतीय सामानों पर पाबंदियाँ लगाना जारी रखा। यह मुद्दा कई बार मीटिंग्स में उठाया गया, पर बांग्लादेश ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

चीन से जुड़ा बयान बना वजह?
यह फैसला बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के सलाहकार मोहम्मद यूनुस के चीन में दिए गए एक बयान के बाद आया है। उन्होंने कहा था कि “पूर्वोत्तर भारत समुद्र से घिरा नहीं है और बांग्लादेश इस इलाके का समुद्री संरक्षक है”, और यह बात उन्होंने चीन की अर्थव्यवस्था के विस्तार की वकालत करते हुए कही थी। भारत ने इसे रणनीतिक दबाव की कोशिश के रूप में देखा।

 

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें