
शिमला: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले सहित राज्य के कई हिस्सों में बीते 24 घंटों से जारी भारी बारिश और आंधी-तूफान ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने राज्य के सात जिलों: ऊना, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए ओलावृष्टि, आंधी-तूफान और तेज़ हवाओं की चेतावनी दी है।
-IMD ने जारी किया अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, 18 और 19 मई को कुछ जिलों में येलो अलर्ट भी प्रभावी रहा, जिसमें बिजली गिरने, ओलावृष्टि और तेज़ हवाओं की आशंका जताई गई थी। 21 मई तक राज्य के मध्य और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश तथा ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना भी व्यक्त की गई है।
तेज बारिश और तूफान के कारण कई जगहों पर बिजली आपूर्ति बाधित हुई है, जबकि सड़कों पर गिरे पेड़ और मलबा आवागमन में कठिनाई पैदा कर रहे हैं। प्रशासन ने लोगों को घर के भीतर रहने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने और अचानक बाढ़ से सतर्क रहने की अपील की है। राज्य के आपातकालीन सेवा दलों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।
-लारजी जलविद्युत परियोजना फिर से हुई चालू
इस आपदा के बीच कुल्लू जिले से एक राहत भरी खबर सामने आई है। व्यास नदी में जुलाई 2023 में आई विनाशकारी बाढ़ से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई 126 मेगावाट की लारजी जलविद्युत परियोजना को सफलतापूर्वक बहाल कर लिया गया है। आधिकारिक बयान में बताया गया कि महज दो वर्षों से भी कम समय में परियोजना का पुनर्निर्माण कार्य पूरा हुआ।
राज्य सरकार ने इसके पुनरुद्धार के लिए तीन चरणों में कुल 245.87 करोड़ रुपये जारी किए। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड (HPSEBL) के इंजीनियरों और कर्मचारियों को उनके समर्पण और अथक प्रयासों के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि परियोजना की समय पर बहाली से राज्य को बड़े आर्थिक नुकसान से बचाने में मदद मिली है।
-सरकार की अपील
राज्य सरकार और जिला प्रशासन की ओर से नागरिकों को लगातार अपडेट्स दिए जा रहे हैं। सभी से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान दें और अनावश्यक यात्रा से बचें। आपात स्थिति में संबंधित हेल्पलाइन नंबरों पर तुरंत संपर्क करने की सलाह दी गई है। हिमाचल प्रदेश इन दिनों एक ओर प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है, तो वहीं दूसरी ओर पुनर्निर्माण के सफल उदाहरण भी सामने आ रहे हैं। प्रशासन के समर्पण और जनता की सजगता ही इस कठिन समय में राज्य को सुरक्षित और स्थिर बनाए रख सकती है।