नेशनल डेस्क: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने मंगलवार को भाजपा और उसके आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय पर तीखा हमला बोला। यह विवाद तब शुरू हुआ जब अमित मालवीय ने राहुल गांधी की एक एडिट की हुई तस्वीर पोस्ट की, जिसमें उन्हें पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर से जोड़ते हुए कहा गया कि राहुल गांधी को “निशान-ए-पाकिस्तान” सम्मान मिल सकता है। इस पर पवन खेड़ा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और कहा कि राहुल गांधी नहीं, बल्कि कुछ अन्य भाजपा नेता इस सम्मान के ज्यादा हकदार हैं। उन्होंने नाम लिए बिना प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा, जो एक बार पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के घर बिना बुलाए बिरयानी खाने गए थे।
खेड़ा ने किन नेताओं का नाम लिया?
उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई को रॉ की जानकारी लीक करने पर “निशान-ए-पाकिस्तान” मिला था। लालकृष्ण आडवाणी का भी नाम लिया, जिन्होंने जिन्ना को धर्मनिरपेक्ष बताया था। खेड़ा ने कहा कि जो नेता नवाज शरीफ के घर बिना बुलाए गए, वही असली हकदार हैं पाकिस्तान के सम्मान के।
विदेश मंत्री जयशंकर पर भी हमला
पवन खेड़ा ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जयशंकर ने पाकिस्तान को पहले ही सूचित कर दिया था कि भारत सिर्फ आतंकी ठिकानों पर हमला करेगा। खेड़ा ने तंज कसते हुए कहा, “अब देखना है कि उन्हें किस देश से कौन-सा सम्मान मिलता है।”
भाजपा पर “कार्टूनगिरी” का आरोप
पवन खेड़ा ने कहा कि जब देश में एक गंभीर स्थिति बनी हुई है, तो भाजपा जैसे सत्ताधारी दल को मज़ाक नहीं उड़ाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष संकट के समय सरकार के साथ खड़े थे, लेकिन भाजपा अब भी सिर्फ बचकानी हरकतों और सोशल मीडिया ट्रोलिंग में लगी है।
पुंछ हमले का ज़िक्र
खेड़ा ने पूछा कि जब सरकार ने पाकिस्तान को पहले से जानकारी दी कि आतंकी ठिकानों पर हमला किया जाएगा, तो पुंछ में मारे गए नागरिकों को पहले से क्यों नहीं बताया गया? उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अजहर मसूद और हाफिज सईद जैसे आतंकी कैसे बच निकले। यह विवाद तब भड़का जब राहुल गांधी ने ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना को हुए नुकसान पर सवाल किया। अमित मालवीय ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं और उन्हें भारत के जेट नुकसान की चिंता है, जबकि उन्होंने एक बार भी नहीं पूछा कि पाकिस्तान को कितना नुकसान हुआ।
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