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पहलगाम आतंकी हमले के हमलावर कहां हैं?, कांग्रेस ने केंद्र के आतंकवाद विरोधी अभियानों पर उठाए सवाल

May 27, 2025

पहलगाम आतंकी हमले के हमलावर कहां हैं?, कांग्रेस ने केंद्र के आतंकवाद विरोधी अभियानों पर उठाए सवाल

नेशनल डेस्क: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने हाल ही में हुए आतंकवादी हमलों के संदर्भ में केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत में कई बड़े आतंकवादी हमले हुए, जैसे कि पहलगाम, पुंछ, और गंदेरबल में, लेकिन अब तक हमलावरों को पकड़ने में सरकार नाकाम रही है। उन्होंने यह भी सवाल किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में जो संघर्ष विराम हुआ, वह किन शर्तों पर हुआ था। पवन खेड़ा ने यह भी पूछा कि पाकिस्तान के प्रमुख आतंकी नेताओं, हाफिज सईद और मसूद अजहर, अब तक कैसे बचने में सफल हो पाए।

पहलगाम आतंकी हमले के हमलावर कहां हैं?
पवन खेड़ा ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हमें अब तक यह जवाब नहीं मिला कि 2023 में पुंछ, 2024 में गंदेरबल, और 2025 में पहलगाम में जो आतंकी हमले हुए, उनके हमलावर कहां हैं?” उन्होंने यह भी पूछा कि पाकिस्तान के आतंकवादी नेताओं, हाफिज सईद और मसूद अजहर, के खिलाफ केंद्र सरकार ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की।

पाकिस्तान की कई चौकियों को नुकसान पहुंचाया
इस बीच, जम्मू फ्रंटियर के बीएसएफ आईजी शशांक आनंद ने भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान द्वारा भारतीय चौकियों पर की गई गोलीबारी के बारे में जानकारी दी। शशांक आनंद ने कहा कि पाकिस्तान पहले से तैयार था और इसी कारण भारतीय चौकियों पर गोलाबारी की। हालांकि, भारतीय सैनिकों ने इसका सही तरीके से जवाब दिया और पाकिस्तान की कई चौकियों को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने यह भी बताया कि बीएसएफ की तैयारी इतनी मजबूत थी कि पाकिस्तान की गोलीबारी से भारतीय सैनिकों को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।

ऑपरेशन सिंदूर में 100 आतंकी ढेर 
गौरतलब है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” शुरू किया था। इस ऑपरेशन में भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में स्थित आतंकी ठिकानों पर हमला किया और 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया। इसके बाद पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा पर गोलाबारी शुरू कर दी थी और भारतीय सीमा पर ड्रोन हमले भी किए थे। भारत ने इस जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के 11 एयरबेसों के रडार, संचार केंद्रों और हवाई क्षेत्रों को निशाना बनाया। अंत में, 10 मई को भारत और पाकिस्तान के बीच शत्रुता खत्म करने का समझौता हुआ। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल अब मांग कर रहे हैं कि संसद का एक विशेष सत्र बुलाया जाए, ताकि आतंकवाद के खिलाफ सरकार की कार्रवाई पर चर्चा की जा सके।

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