30 मई को पश्चिमोत्तर चीन के कानसू प्रांत के तुनह्वांग शहर में आयोजित सभ्यताओं के बीच आदान-प्रदान व आपसी सीख पर चौथे संवाद के उद्घाटन समारोह में चीनी उपराष्ट्रपति हान चंग ने महत्वपूर्ण भाषण दिया। अपने संबोधन में हान चंग ने सभ्यतागत आदान-प्रदान और आपसी सीख को मानव सभ्यता की प्रगति तथा विश्व शांति व विकास को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रेरक शक्ति के रूप में रेखांकित किया।
उन्होंने वर्तमान वैश्विक परिदृश्य पर जोर देते हुए कहा कि आज सभी देशों का भविष्य आपस में गहराई से जुड़ा हुआ है, और विभिन्न सभ्यताओं के बीच सहिष्णुता तथा आपसी समझ का सह-अस्तित्व ही मानव जाति को सामूहिक प्रगति करने और वैश्विक समृद्धि व विकास को साकार करने में सक्षम बनाएगा।
हान चंग ने इस बात पर बल दिया कि विश्व समुदाय को एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए, पारस्परिक सफलता के मार्ग प्रशस्त करने चाहिए और संयुक्त रूप से विश्व की विविध सभ्यताओं के सम्मान की वकालत करनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि हमें मतभेदों को परे रखते हुए समान आधारों की तलाश करनी चाहिए, साझा चुनौतियों का मिलकर मुकाबला करना चाहिए और समस्त मानव जाति के साझा मूल्यों को एक अटूट बंधन के रूप में इस्तेमाल करते हुए मानव सभ्यता की एक सुंदर और सामंजस्यपूर्ण तस्वीर बनानी चाहिए।
हान चंग ने चीनी शैली के आधुनिकीकरण को मानव सभ्यता के एक नए रूप में प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह अन्य सभ्यताओं से निरंतर सीखता है और वैश्विक सभ्यता के विकास में अपना विशिष्ट योगदान देता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चीन बहुपक्षवाद के सिद्धांतों को दृढ़ता से बनाए रखता है, राष्ट्रपति शी चिनफिंग की वैश्विक सभ्यता पहल का सक्रिय रूप से कार्यान्वयन कर रहा है, प्राचीन रेशम मार्ग की भावना को मजबूती से आगे बढ़ा रहा है, और उच्च गुणवत्ता वाले “बेल्ट एंड रोड” के संयुक्त निर्माण को बढ़ावा दे रहा है, जिससे मानव सभ्यता के विकास और प्रगति को एक मजबूत गति मिल रही है।
इस महत्वपूर्ण संवाद में बोत्सवाना की राष्ट्रीय असेंबली के अध्यक्ष, लाओस नेशनल असेंबली के उपाध्यक्ष और नेपाल के पूर्व राष्ट्रपति जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय हस्तियों ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में व्याप्त विभिन्न संघर्षों और वैश्विक शासन द्वारा सामना की जा रही गंभीर चुनौतियों का उल्लेख किया।
उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि चीन ने अपने विकास पथ के माध्यम से दुनिया को स्थिरता और निश्चितता प्रदान की है। सिल्क रोड की भावना को बढ़ावा देने और “बेल्ट एंड रोड” पहल के निर्माण को आगे बढ़ाने के माध्यम से, चीन ने विकासशील देशों के आर्थिक और सामाजिक विकास का दृढ़ता से समर्थन किया है।
इन अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने सर्वसम्मति से माना कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा प्रस्तावित वैश्विक सभ्यता पहल सहित तीन प्रमुख वैश्विक पहलें न केवल विभिन्न सभ्यताओं के बीच आपसी समझ, आदान-प्रदान और आपसी सीख को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी, बल्कि दुनिया के देशों के बीच सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व और उभय जीत सहयोग पर आधारित एक नई अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था के निर्माण के लिए एक ठोस आधार भी तैयार करेंगी। उन्होंने दृढ़ विश्वास व्यक्त किया कि इन तीन महत्वपूर्ण वैश्विक पहलों के निरंतर कार्यान्वयन से सभी देशों के लोगों को अधिक ठोस और वास्तविक लाभ प्राप्त होंगे।
बता दें कि मौजूदा संवाद कार्यक्रम में विभिन्न देशों के राजनीतिक दलों के नेताओं, प्रतिष्ठित विशेषज्ञों और विद्वानों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और गैर-सरकारी संगठनों के प्रमुखों, और संबंधित चीनी विभागों के प्रतिनिधियों सहित लगभग 400 लोगों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
(साभार-चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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