लुधियाना: धांधरा रोड पर धूरी-मालेरकोटला मिसिंग लिंक को तैयार करने का काम लगभग पूरा हो गया है लेकिन रेल ओवर ब्रिज (आर.ओ.बी.) पर आवाजाही उप-चुनाव नतीजों की घोषणा के बाद ही आरंभ होगी। इसकी दो प्रमुख वजहें बताई जा रही है। पहला यह कि इस प्रोजैक्ट का उद्घाटन सी.एम. से करवाया जाना है, दूसरी वजह यह कि अभी इस प्रोजैक्ट की अंतिम तैयारियां बाकी हैं। ग्लाडा प्रशासन की ओर से आर.ओ.बी. के दोनों तरफ सड़क बनवाए जाने के बाद लोगों ने खुद ही बैरीके¨डग हटाकर वाहन दौड़ा हादसों को न्यौता देने लगे हैं क्योंकि प्रोजैक्ट साइट पर काम अधूरा पड़ा होने की वजह से अभी तक आधिकारिक तौर पर आवाजाही को बहाल नहीं किया जा सका है।
अभी पुल की रिटेनिंग वॉल पर पेंट और सड़क पर रोड मार्किग, कैट आई लगाने का काम बाकी है। ग्लाडा के कांट्रैक्टर का स्टाफ अभी प्रोजैक्ट साइट पर अंतिम तैयारियों को पूरा करने में जुटा हुआ है। सिर्फ इतना ही नहीं आर.ओ.बी. को लिंक करती 200 फुट पर कई कर्व प्वाइंट भी है, जहां तेज रफ्तार वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का अंदेशा बना हुआ है, इसलिए अभी इन प्वाइंट पर भी सुरक्षा मानकों को लागू करवाया जाना बाकी है।
गौरतलब है कि शहर में ट्रैफिक के दबाव को खत्म करने के लिए गांव धांधरा में 200 फुट रोड को गिल रोड के साथ जोड़ने के लिए साल 2012 में अकाली-भाजपा सरकार के कार्यकाल में इस प्रोजैक्ट की नींव रखी गई थी। उसी समय से धूरी-मालेरकोटला रेल लाइन पर ब्रिज बनाने का काम लटकता आ रहा था। पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इस प्रोजैक्ट को पूरा करने की आस बंधी थी लेकिन केंद्र और पंजाब सरकार के बीच तालमेल का अभाव होने की वजह यह प्रोजैक्ट सत्ता परिवर्तन के बाद शुरू हो सका। 200 फुट रोड धूरी-मलेरकोटला मिसिंग लिंक का निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में हैं।
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