नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत अब आतंकवाद को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करता और इस खतरे को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी ताकत से काम कर रहा है। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का ज़िक्र करते हुए बताया कि भारत ने आतंकियों को जवाब देने के लिए कैसे सटीक और कड़ी कार्रवाई की।
भारत ने पूरी तैयारी से जवाब दिया
राजनाथ सिंह ने अपने लेख “हमने दिखाया है कि आतंकवाद को कैसे हराया जाए” में कहा कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पूरी तैयारी से जवाब दिया। इसके तहत 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया गया, जिसमें भारतीय सेना ने एक साथ नौ आतंकी ठिकानों पर हमला किया। इन हमलों में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (POJK) के आतंकी कैंपों को निशाना बनाया गया। इनमें बहावलपुर और मुरीदके जैसे ठिकाने भी शामिल थे, जो आतंकवादी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के प्रमुख अड्डे थे। सभी हमले सफल रहे और आतंकियों को बड़ा नुकसान पहुंचा।
हमले के बाद पाकिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई करने की कोशिश की। उसने अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा (LoC) के आसपास ड्रोन हमले किए और गोलाबारी की। लेकिन भारत ने भी मजबूती से जवाब दिया और पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर निशाना साधा। तीन दिन की झड़पों के बाद, 10 मई को भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को खत्म करने पर सहमति बनी।
राजनाथ सिंह ने वैश्विक एकता की अपील की
राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया ‘X’ (पहले ट्विटर) पर अपने पोस्ट में लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आतंकवाद के खिलाफ “शून्य सहिष्णुता” यानी ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रहा है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई अब सिर्फ भारत की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि अपने लेखों में उन्होंने 5 अहम सुझाव दिए हैं, जिनकी मदद से दुनिया इस खतरे से मिलकर निपट सकती है।
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, “आतंकवाद मानवता के लिए एक अभिशाप है और अब समय आ गया है कि पूरी दुनिया एकजुट होकर इसके खिलाफ ठोस कदम उठाए।”
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